कोलकाता में फर्जी ऐप से चल रहा था साइबर ठगी का खेल, एक क्लिक में खाली हो रहा था बैंक अकाउंट, पांच गिरफ्तार

महेशतला में फर्जी मोबाइल ऐप के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. ऐप डाउनलोड करते ही लोगों के फोन पर पूरा कंट्रोल लेकर बैंक डिटेल्स चोरी की जा रही थीं. इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और बड़ी संख्या में लैपटॉप और मोबाइल जब्त किए गए हैं. पुलिस अब नेटवर्क और मनी ट्रेल की जांच कर रही है.

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साइबर ठगी के खेल का पर्दाफाश (Photo: Representational ) साइबर ठगी के खेल का पर्दाफाश (Photo: Representational )

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 24 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:57 PM IST

कोलकाता से सटे महेशतला इलाके में साइबर अपराधियों का ऐसा खतरनाक जाल पकड़ा गया है, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया. फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए लोगों के स्मार्टफोन पर पूरा कब्जा कर बैंक अकाउंट साफ करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं.

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न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था. आरोपी ऐसे मोबाइल ऐप तैयार करते थे, जो देखने में बिल्कुल असली और भरोसेमंद लगते थे. इन ऐप्स को सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए प्रचारित किया जाता था. जैसे ही कोई व्यक्ति इन्हें डाउनलोड करता, उसका मोबाइल फोन पूरी तरह आरोपियों के नियंत्रण में चला जाता था.

मोबाइल ऐप के जरिए करते थे फोन हैक

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐप इंस्टॉल होते ही फोन से बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड, ओटीपी, निजी तस्वीरें और अन्य संवेदनशील जानकारियां चोरी कर ली जाती थीं. इसके बाद इन्हीं जानकारियों का इस्तेमाल कर पीड़ितों के बैंक खातों से पैसे उड़ाए जाते थे. कई मामलों में पीड़ितों को तब तक पता ही नहीं चलता था, जब तक उनके खाते खाली नहीं हो जाते थे.

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इस गिरोह के जिन पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम हैं  अभिमन्यु कुमार उर्फ राजा, मोहम्मद समर, नीरज कुमार, मोहम्मद इमरान और सेजन फिलिप्स. पुलिस के अनुसार इनमें से चार आरोपी बिहार के निवासी हैं, जबकि सेजन फिलिप्स महाराष्ट्र का रहने वाला है.

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 लैपटॉप, 24 मोबाइल फोन और दो राउटर बरामद किए हैं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन्हीं उपकरणों के जरिए फर्जी ऐप बनाए जा रहे थे और ठगी के नेटवर्क को ऑपरेट किया जा रहा था.

बिहार और महाराष्ट्र तक फैला ठगी का नेटवर्क, पुलिस जांच तेज

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक छोटे गिरोह का मामला नहीं हो सकता. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं और ठगी के पैसों का लेन-देन किन खातों के जरिए किया जा रहा था. मनी ट्रेल की गहन जांच की जा रही है.

फिलहाल सभी आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने अब तक कई लोगों को अपना शिकार बनाया होगा. यह मामला एक बार फिर यह चेतावनी देता है कि अनजान ऐप डाउनलोड करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है.
 

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