Falta Re-Polling LIVE: पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर आज सुबह सात बजे से पुनर्मतदान (री-पोल) जारी है. शुरुआती दो घंटे में 20% से ज्यादा मतदान हो चुका है. री-पोलिंग को लेकर चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को लगभग दोगुना कर दिया है. पिछले महीने ईवीएम में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ के आरोपों के बाद यहां का मतदान रद्द कर दिया गया था. चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर अब केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 8 जवान (एक पूरी सेक्शन) तैनात किए जाएंगे. 29 अप्रैल को हुए मूल मतदान के दौरान हर बूथ पर केवल 4 जवान (आधी सेक्शन) तैनात थे.
फलता विधानसभा में कुल 285 मतदान केंद्र हैं. चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए लगभग 35 कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनात करने का फैसला किया है. सुरक्षा बलों की तैनाती पिछले मतदान की तुलना में करीब दोगुनी होगी. इसके अलावा किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई के लिए 30 क्विक रिस्पॉन्स टीमें तैयार रखी गई हैं.
फलता सीट पर राजनीतिक सरगर्मी उस वक्त और बढ़ गई जब मंगलवार को टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए गुरुवार को होने वाले पुनर्मतदान में चुनाव न लड़ने का एलान कर दिया. तृणमूल कांग्रेस ने इसे पार्टी का नहीं, बल्कि उनका निजी फैसला बताया है. इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जहांगीर खान के खिलाफ देवांग्शु पांडा को चुनाव मैदान में उतारा है.
फलता री-पोलिंग से जुड़े लाइव अपडेट्स के लिए इस पेज पर बने रहें...
Falta Assembly Seat: फलता में सुबह सात बजे से पुनर्मतदान जारी है. इसी बीच चुनाव आयोग ने शुरुआती दो घंटे के मतदान का प्रतिशत जारी करते हुए बताया कि सात बजे से 9 बजे तक 20.47% मतदान हो चुका है.
Falta Re-Polling Live: बंगाल के दक्षिण 24 परगना की फलता विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान सुबह सात बजे से जारी है. मतदान करने पहुंचे एक मतदाता ने बताया कि ये बिल्कुल वैसा ही है, जैसा मेरे बचपन में था. 15 साल पहले हमें वोट डालने से डर लगता था, लेकिन अब नहीं. 15 साल पहले तो हमें मतदान केंद्र तक आने की भी इजाजत नहीं थी, गुंडे हमें गेट पर ही रोक देते थे…आज मैं बहुत खुश हूं.
चुनाव आयोग के आदेश पर हो रहे फलता के इस अहम दोबारा चुनाव में 2.36 लाख से ज़्यादा वोटर वोट डालने के हकदार हैं, जिनमें 1.15 लाख महिलाएं शामिल हैं.
बंगाल की फलता सीट पर पुनर्मतदान शुरू हो गया है. बूथ के बाहर मतदाताओं की सुबह से ही लंबी-लंबी लाइनें देखी जा रही हैं.
री-पोलिंग से पहले बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला. टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने खुद को चुनावी प्रक्रिया से अलग करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अब वह चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं रहेंगे. चुनाव से ठीक पहले और प्रचार खत्म होने के दिन उनका मैदान से पीछे हटना टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा में गुरुवार को री‑पोलिंग के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा-व्यवस्था को पहले के मुकाबले लगभग दोगुना कर दिया है. बता दें, पिछले महीने ईवीएम में हेराफेरी के आरोपों के बाद इस क्षेत्र में मतदान रद्द कर दिया गया था.
जानकारी के अनुसार, प्रत्येक मतदान केंद्र पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के 8 जवान तैनात किए जाएंगे. एक अधिकारी ने बताया कि 29 अप्रैल को हुए मतदान, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया था उस दौरान प्रत्येक बूथ पर केवल 4 कर्मी यानी आधे सेक्शन के कर्मचारी ही तैनात थे. इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत की गई है. यहां पढ़ें पूरी खबर...
निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर होने वाले पुनर्मतदान के लिए सुरक्षा इंतजामों को करीब दोगुना कर दिया है. राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि निर्वाचन क्षेत्र के सभी 285 पोलिंग बूथों पर सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की लगभग 35 कंपनियां तैनात की गई हैं. गड़बड़ी की हर गुंजाइश को खत्म करने के लिए इस बार प्रत्येक बूथ पर एक पूरी सेक्शन यानी 8 केंद्रीय सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, इस बार किसी भी स्तर पर गड़बड़ी रोकने के लिए प्रत्येक पोलिंग बूथ के अंदर दो और बाहर एक वेब कैमरा लगाया गया है. इस पूरे मतदान और उसके आसपास के क्षेत्रों की लाइव वेबकास्टिंग की जाएगी. इस लाइव मॉनिटरिंग की सीधी निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालयों से की जाएगी, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए भी निगरानी करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है.
इस विधानसभा क्षेत्र में 29 अप्रैल के मतदान के बाद से ही तनाव का माहौल बना हुआ था. तत्कालीन विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने खुद कई मतदान केंद्रों का दौरा किया था, जहां जांच के दौरान कम से कम 60 बूथों पर ईवीएम मशीनों में कथित हेरफेर के साथ-साथ EVM के बटन पर इत्र और एडहेसिव टेप (गोंद) लगाने के सबूत मिले थे. जांच में ये भी सामने आया कि कई पोलिंग स्टेशनों पर लगे वेब कैमरों में कैद फुटेज के साथ भी छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई थी. इस बड़ी लापरवाही के सामने आने के बाद ही आयोग ने सभी बूथों पर दोबारा वोटिंग कराने का आदेश दिया था.