संभल में हुए दंगे के बाद से लगातार सियासत की बहस जारी है. दंगे के मुख्य आरोपी के घर कुर्की के दौरान पुलिस और वकीलों के बीच नारेबाजी हुई. वकीलों का आरोप है कि पुलिस पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश देने वाले सीजेएम का तबादला सियासी दबाव की वजह से किया गया है. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. 24 दिसंबर और 9 जनवरी को पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर के आदेश देने के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद बढ़ गया.