अविमुक्तेश्वरानंद विवाद में शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद ने FIR में नाम होने पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं वह सही नहीं है. इतना घिनौना आरोप प्रधानमंत्री भी नहीं लगा सकते हैं. शंकराचार्य हमेशा आलोचना करते आए हैं लेकिन देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने ऐसी कोई बात नहीं सोची. इस मामले में शिष्य ने स्पष्ट किया कि वह आरोपों को गलत मानते हैं और निष्पक्ष न्याय की फिक्र करते हैं. यह बयान यौन शोषण मामले के सन्दर्भ में सामने आया है जिसमें अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद दोनों आरोपी हैं. इस विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा को जन्म दिया है.