ग्रेच्युटी अब 25 लाख... यूपी में एडेड स्कूल स्टाफ को योगी सरकार का बड़ा तोहफा

योगी आदित्यनाथ सरकार ने एडेड माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों की ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी है. 16 मार्च को जारी आदेश के अनुसार लगभग ढाई लाख कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा. महंगाई भत्ता और वेतन समिति की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला उनके लिए राहत भरा माना जा रहा है.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (File Photo/ITG) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (File Photo/ITG)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ ,
  • 17 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 3:23 PM IST

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एडेड माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ा दी है. अब ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है. यह फैसला स्टाफ के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है.

16 मार्च को जारी शासनादेश के अनुसार इस निर्णय का लाभ करीब ढाई लाख कर्मचारियों को मिलेगा. इससे एडेड माध्यमिक विद्यालयों में काम करने वाले शिक्षक और कर्मचारी अब अधिक सुरक्षा और वित्तीय सुविधा का अनुभव करेंगे.

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ग्रेच्युटी में 5 लाख रुपये का इजाफा

सरकार ने ग्रेच्युटी की राशि में कुल 5 लाख रुपये का इजाफा किया है. नए नियम के तहत महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत होने पर अधिकतम ग्रेच्युटी की सीमा 25 लाख रुपये निर्धारित की गई है. इससे कर्मचारियों को लंबे समय तक सेवा देने के बाद बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलेगी.

यह बदलाव वेतन समिति 2016 की सिफारिशों के बाद किया गया है. इसके साथ ही पेंशन और उपादान नियमों में भी संशोधन किया गया है. यह संशोधन शिक्षकों और कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अहम माना जा रहा है.

16 मार्च के शासनादेश के तहत लाभार्थी
 

अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के कर्मचारियों के लिए यह कदम सरकार की ओर से एक बड़ा राहतभरा निर्णय है. इससे कर्मचारियों में आत्मविश्वास और संतुष्टि बढ़ेगी. शिक्षकों और कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार के लिए यह महत्वपूर्ण कदम है.

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सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय कर्मचारियों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित था. पिछले कई वर्षों से ग्रेच्युटी सीमा को बढ़ाने की मांग की जा रही थी. अब इस फैसले के बाद कर्मचारियों को भविष्य में वित्तीय असुरक्षा की चिंता कम होगी.

वेतन समिति की सिफारिशों के बाद संशोधन

इस फैसले से न सिर्फ कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में काम करने वाले स्टाफ की कार्यप्रणाली और सेवा के प्रति उत्साह भी बढ़ेगा. योगी सरकार ने इसे शिक्षा क्षेत्र में सुधार और कर्मचारियों की भलाई के लिए अहम कदम माना है. 

ग्रेच्युटी बढ़ाने का यह फैसला कर्मचारियों के लिए राहत और उत्साह का कारण बनेगा. इससे उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा की भावना बढ़ेगी.
 

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