वाराणसी के फूलपुर थाना अंतर्गत घमहापुर गांव में रविवार रात करीब 11:00 बजे एक दर्दनाक घटना घटी. अपनी फैक्ट्री से घर लौट रहे व्यापारी मनीष सिंह की अल्टो कार से एक महिला को टक्कर लग गई. महिला के पैर में चोट लगने के बाद उसे अस्पताल भेजा गया, लेकिन वहां मौजूद भीड़ ने कानून हाथ में ले लिया.
लोगों ने मनीष सिंह को कार से निकालकर इतनी बुरी तरह पीटा कि वे लहूलुहान होकर अधमरे हो गए. उन्हें इलाज के लिए बीएचयू अस्पताल ले जाया गया, जहां जख्मों के ताव न सहते हुए उन्होंने दम तोड़ दिया. पुलिस ने इस मामले में 8 नामजद और 7 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.
इलाज के दौरान तोड़ा दम, परिवार में कोहराम
मनीष सिंह की मौत के बाद उनके परिवार में मातम पसरा है और परिजनों ने सड़क पर उतरकर इंसाफ की मांग की है. डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान ने बताया कि पीड़ित परिवार की लिखित शिकायत पर फूलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मृतक के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और अब तक चार मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है.
गुस्से ने ली जान, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
शुरुआती जांच में सामने आया है कि एक्सीडेंट के बाद शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया. भीड़ ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार करते हुए मनीष को संभलने का मौका भी नहीं दिया.
डीसीपी ने टेलीफोनिक बातचीत में पुष्टि की है कि शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील की है. गांव में फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है.
बृजेश यादव