उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जो करीब तीन दशक से अधिक समय से फरार चल रहा था. गिरवां थाना क्षेत्र के स्योडा गांव निवासी मुनव्वर पर वर्ष 1988 में डकैती का मामला दर्ज हुआ था. मुकदमा अदालत में विचाराधीन था, लेकिन सुनवाई के दौरान ही वह फरार हो गया था.
मामले में अदालत ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) जारी करते हुए पुलिस को उसे गिरफ्तार कर पेश करने का आदेश दिया था. लंबे समय से लंबित इस वारंट को तामील कराने के लिए पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश पर दो विशेष टीमें गठित की गईं. टीमों ने पुराने रिकॉर्ड खंगाले और मुखबिर तंत्र सक्रिय किया.
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी वर्षों पहले बांदा से अपना घर-बार बेचकर मध्यप्रदेश चला गया था. वहां वह भेष बदलकर रह रहा था और अपनी पहचान छिपाए हुए था. हालांकि, समय-समय पर वह गुपचुप तरीके से इलाके में आता-जाता भी था. इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि वह केन नदी पुल के पास देखा गया है.
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में उसकी पहचान की पुष्टि होने के बाद उसे अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से कानून की नजर से बचता फिर रहा था, लेकिन आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
गिरवां थाना पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए एसपी ने टीम को 20 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुराने लंबित मामलों में भी इसी तरह कार्रवाई तेज की जाएगी, ताकि वर्षों से फरार आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जा सके.
सिद्धार्थ गुप्ता