उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने नशे की लत और ऐशो-आराम की जिंदगी के लिए अपनी ही 80 वर्षीय दादी के गहने चुरा लिए. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से गहने और कार बरामद की है. चोरी किए गए गहनों की कुल कीमत 15 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है.
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान 25 साल के निहाल अली के रूप में हुई है. उसे दुर्गागंज इलाके से उस वक्त गिरफ्तार किया गया, जब वह करीब 2 लाख रुपये कीमत के सोने के गहने बेचने जा रहा था. बरामद गहनों में झुमके, लॉकेट और मंगलसूत्र के मोती शामिल हैं. इस मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि आरोपी लंबे समय से अपने परिवार को गुमराह कर रहा था.
दरअसल, परिजनों को तब शक हुआ जब निहाल को बिना किसी आय के स्रोत के नई कार में घूमते देखा गया. करीब 4 लाख रुपये की कार खरीदने के बाद परिवार ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की. इसी दौरान जब उसकी बुजुर्ग दादी सदरुन निसा के गहनों की जांच की गई, तो जेवरात के बॉक्स से कई कीमती गहने गायब मिले.
इसके बाद निहाल के चाचा फहीम अंसारी ने 24 दिसंबर 2025 को थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की. पूछताछ के दौरान निहाल ने स्वीकार किया कि वह पिछले चार से पांच महीनों से रात के समय बीमार दादी की सेवा करने के बहाने उनके गहने चोरी कर रहा था.
पुलिस के मुताबिक आरोपी चोरी किए गए गहनों को बेचकर नशे की जरूरतें पूरी करता था और महंगे शौक भी पाल रहा था. जांच में यह भी सामने आया कि वह 10 लाख रुपये से ज्यादा के गहने पहले ही बेच चुका है, जबकि करीब 5 लाख रुपये के गहने उसने सराफाओं के यहां गिरवी रखे थे. पुलिस अब उन ज्वैलर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है, जिन्होंने चोरी के गहने खरीदे या गिरवी रखे. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि निहाल का आपराधिक इतिहास भी रहा है और इससे पहले वह वाराणसी में जेवर चोरी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है.
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