UGC विवाद पर पिता के संस्कारों का हवाला, करण ने मांगा सुधार, प्रतीक बोले- समिति से कोई लेना-देना नहीं

UGC के नए नियमों को लेकर विवाद के बीच बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह ने स्पष्ट किया कि इन नियमों के निर्माण में उनकी कोई भूमिका नहीं. उन्होंने यूजीसी से नियमों में सुधार की मांग की है, ताकि समाज में जातिगत वैमनस्यता न फैले. विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने भी आरोपों को निराधार बताया.

Advertisement
प्रतीक भूषण सिंह और करण भूषण सिंह (Photo: Social Media) प्रतीक भूषण सिंह और करण भूषण सिंह (Photo: Social Media)

aajtak.in

  • लखनऊ ,
  • 28 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:39 PM IST

UGC के प्रस्तावित नियमों को लेकर उठे विवाद के बीच बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों के निर्माण में उनकी कोई भूमिका नहीं रही है. साथ ही उन्होंने कहा कि वो जिस स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य हैं, उसका यूजीसी के इन नियमों से कोई संबंध नहीं है. सांसद ने मांग की है कि यूजीसी इन नियमों पर दोबारा गंभीरता से विचार करे और आवश्यक सुधार करे, ताकि समाज में किसी भी तरह की जातिगत वैमनस्यता न फैले.

Advertisement

करण भूषण सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों के जरिए उनके नाम को इन नियमों से जोड़कर भ्रम फैलाया जा रहा है, जो बेहद दुखद है. बिना उनका पक्ष जाने उनके खिलाफ एक तरह का अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने साफ किया कि न तो वो किसी बैठक में शामिल हुए और न ही इस तरह के किसी मसौदे या सहमति पत्र पर उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं.

इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रज भूषण सिंह के बड़े बेटे और भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने भी स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि करण भूषण सिंह उस स्टैंडिंग कमेटी की किसी बैठक में उपस्थित नहीं हुए थे और न ही ऐसा कोई कार्य किया गया, जिससे समाज में विभाजन की स्थिति बने. उन्होंने कहा कि ऐसे किसी मसौदे या समझौते पर सहमति देने का सवाल ही नहीं उठता.

Advertisement

प्रतीक भूषण सिंह ने कहा कि वो अपने पिता से मिले संस्कारों के अनुसार ही आगे बढ़ रहे हैं और समाज को जोड़ने में विश्वास रखते हैं. उनका कहना है कि कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स द्वारा फैलाई जा रही भ्रांतियों से लोगों में गलत संदेश जा रहा है.

करण भूषण सिंह ने कहा कि उनकी भावनाएं समाज के सभी वर्गों के साथ हैं. वो नहीं चाहते कि शिक्षण संस्थान किसी भी प्रकार के जातिगत टकराव या संघर्ष का केंद्र बनें. उनका मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य समाज को जोड़ना है, न कि बांटना.

सांसद ने यूजीसी से आग्रह किया कि वह नियमों पर पुनर्विचार करे और ऐसे प्रावधानों में सुधार लाए, जिससे किसी भी समुदाय के बीच तनाव की स्थिति न बने. उन्होंने कहा कि वो सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं और समाज में सौहार्द बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement