रीवा एक्सप्रेस में आशुतोष ब्रह्मचारी पर हुए हमले को लेकर उठे विवाद के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने उन पर आरोप लगा दिए हैं, अब इसकी जांच होगी और सच्चाई सामने आ जाएगी.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि रेल यात्रा के दौरान आमतौर पर जीआरपी की सुरक्षा व्यवस्था रहती है. ऐसे में अगर किसी यात्री पर हमला हुआ है तो यह जांच का विषय है कि सुरक्षा के बावजूद यह घटना कैसे हो गई. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की पड़ताल करेंगी और तब वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दी सफाई
उन्होंने यह भी साफ किया कि 21 लाख रुपये को लेकर जो बातें कही जा रही हैं, वह सही नहीं हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उन्होंने कभी 21 लाख रुपये की बात नहीं कही और न ही इस तरह की किसी मांग का समर्थन किया है.
दरअसल, श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के मुख्य वादी माने जाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि चलती ट्रेन में उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया. उन्होंने इस मामले में जीआरपी थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है.
रीवा एक्सप्रेस में धारदार हथियार से हमले का दावा
आशुतोष ब्रह्मचारी का दावा है कि वह रीवा एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे, तभी फतेहपुर और सिराथू रेलवे स्टेशन के बीच एक व्यक्ति ने उन पर अचानक धारदार हथियार से हमला कर दिया. उनके मुताबिक हमलावर ने उनकी नाक पर वार किया, जिससे उन्हें चोट आई और शरीर के कई हिस्सों पर गहरे घाव भी लगे.
उन्होंने यह भी दावा किया कि हमले के दौरान उन्होंने हमलावर से भिड़कर अपनी जान बचाने की कोशिश की. हालात बिगड़ने पर वह ट्रेन के बाथरूम में जाकर बंद हो गए, जिससे उनकी जान बच सकी.
इस घटना के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और घटना के सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है.
सूरज सिंह