उत्तर प्रदेश के संभल में आगामी अलविदा नमाज और ईद को लेकर पुलिस ने शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैठक की. इस दौरान एक पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि विदेशों में चल रहे विवादों का असर भारत के माहौल पर नहीं पड़ना चाहिए. उन्होंने लोगों को चेतावनी दी कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर माहौल खराब करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बुधवार को संभल कोतवाली थाने में आयोजित इस सुरक्षा समीक्षा बैठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है. वीडियो में सर्किल ऑफिसर कुलदीप सिंह लोगों को संबोधित करते हुए कहते नजर आ रहे हैं कि कुछ लोग ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को लेकर ज्यादा उत्तेजित हो रहे हैं और यहां माहौल प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं.
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'अगर इतनी चिंता है तो ईरान जाकर लड़ो'
बैठक के दौरान सीओ कुलदीप सिंह ने कहा, कई लोग ईरान और इजरायल के बीच युद्ध को लेकर ज्यादा उत्तेजित हो रहे हैं. वे छाती पीट रहे हैं और माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. अगर आपको इतनी ही परेशानी है तो विमान में बैठकर ईरान चले जाइए और वहां जाकर उनकी तरफ से लड़िए.
उन्होंने कहा कि दो अन्य देशों के बीच चल रहे संघर्ष का असर भारत के कानून-व्यवस्था पर नहीं पड़ना चाहिए. यदि किसी ने इस मुद्दे को लेकर यहां अशांति फैलाने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
नमाज के दौरान नारेबाजी या पोस्टर पर रोक
सीओ कुलदीप सिंह ने बैठक में मौजूद लोगों को यह भी सलाह दी कि अलविदा या जुमे की नमाज के दौरान किसी भी विदेशी देश के समर्थन या विरोध में नारेबाजी या पोस्टरबाजी न की जाए. उन्होंने साफ कहा कि ऐसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
उन्होंने यह भी कहा कि यदि विदेशों में चल रहे विवादों का असर यहां की कानून-व्यवस्था पर पड़ता है तो पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी. उनका कहना था कि भारत में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है.
बयान पर दी सफाई
सीओ कुलदीप सिंह ने बाद में पीटीआई से बातचीत में कहा कि उनके बयान का उद्देश्य केवल शांति और सौहार्द बनाए रखना था. उनका कहना था कि विदेश में होने वाली घटनाओं से स्थानीय माहौल प्रभावित नहीं होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि पुलिस का मकसद सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि अलविदा नमाज और ईद के दौरान किसी तरह की अशांति न हो और सभी लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपने धार्मिक कार्यक्रम संपन्न कर सकें.
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