संभल में सरकारी जमीन पर फिर गरजा बुलडोजर, ग्राम प्रधान के अवैध मकान समेत 5 जमींदोज

यूपी के संभल जिले के बिछोली गांव में सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराने के अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ा बुलडोजर एक्शन किया. तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ ग्राम प्रधान के मकान समेत 5 अवैध मकानों को ध्वस्त किया गया. इस दौरान पौने 27 बीघा सरकारी भूमि की पैमाइश भी की गई.

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5 मकान ढहाए गए.(Photo: Abhinav Mathur/ITG) 5 मकान ढहाए गए.(Photo: Abhinav Mathur/ITG)

अभिनव माथुर

  • संभल,
  • 14 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:20 PM IST

यूपी के संभल में सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के अभियान के तहत बुधवार को एक बार फिर बड़ा बुलडोजर एक्शन देखने को मिला. संभल के बिछोली गांव में प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई की. तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में 20 लेखपाल, 4 कानूनगो और एक नायब तहसीलदार सहित कुल 25 राजस्व अधिकारियों की टीम दो बुलडोजर लेकर गांव पहुंची.

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प्रशासन की टीम ने गांव में सरकारी भूमि पर बने ग्राम प्रधान के मकान सहित कुल 5 मकानों पर बुलडोजर चलाया. वहीं दूसरी ओर रैपिड रिएक्शन फोर्स की तैनाती के बीच राजस्व विभाग की टीम ने गांव में पौने 27 बीघा सरकारी भूमि की पैमाइश की कार्रवाई भी की.

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ग्राम प्रधान के मकान से शुरू हुआ बुलडोजर एक्शन

बुलडोजर को गांव में आता देख अवैध निर्माण करने वाले लोगों में हड़कंप मच गया. ग्राम प्रधान पति से लेकर अन्य मकान मालिक अपने-अपने घर खाली करने लगे. इसी दौरान गांव में लोगों की भीड़ जुटने लगी, लेकिन रैपिड रिएक्शन फोर्स के जवानों ने भीड़ को तितर-बितर कर दिया.

तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह की मौजूदगी में सबसे पहले ग्राम प्रधान के मकान पर बुलडोजर चलाया गया. इसके बाद सड़क किनारे सरकारी जमीन पर बने अन्य मकानों को भी एक-एक कर ध्वस्त कर दिया गया. करीब तीन घंटे तक चली इस कार्रवाई में कुल पांच मकान जमींदोज कर दिए गए.

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हल्का विरोध, लेकिन सख्त तेवरों के आगे झुका प्रशासन

बुलडोजर कार्रवाई के दौरान ग्राम प्रधान पति ने हल्का विरोध करने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन के सख्त रुख को देखते हुए वह पीछे हट गया. वहीं एक अन्य मकान मालिक मुजाहिद ने कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए विरोध जताया.

इस पर प्रशासन ने साफ कहा कि जिन मकानों पर तहसीलदार कोर्ट से धारा 67 की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जिनकी अपील जिला मजिस्ट्रेट की अदालत से भी खारिज हो चुकी है, उन्हीं पर कार्रवाई की जा रही है.

एक तरफ बुलडोजर, दूसरी तरफ जमीन की पैमाइश

जहां एक ओर बुलडोजर मकानों को गिरा रहा था, वहीं दूसरी ओर राजस्व विभाग की दूसरी टीम गांव में पौने 27 बीघा सरकारी भूमि की पैमाइश कर रही थी. इसी दौरान 160 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर बना इमामबाड़ा भी सरकारी जमीन पर पाया गया.

राजस्व टीम ने इमामबाड़े की बारीकी से पैमाइश कर उसका नक्शा तैयार किया. इसके साथ ही कुछ अन्य अवैध निर्माण भी चिन्हित किए गए. अब इन सभी की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी.

इमामबाड़ा भी प्रशासन की रडार पर

पैमाइश में इमामबाड़ा सरकारी जमीन पर बने होने की पुष्टि के बाद अब वह भी प्रशासन की रडार पर आ गया है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बिछोली गांव में एक बार फिर बुलडोजर एक्शन हो सकता है.

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तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गांव में स्कूल, पंचायत घर और खेल मैदान जैसी ग्राम सभा की जमीनों पर अवैध कब्जा कर मकान बना लिए गए थे. इन मामलों में ट्रायल कोर्ट और अपीलेट कोर्ट से आदेश हो चुके हैं.

'जिन मामलों में फैसला, वहां कार्रवाई तय'

तहसीलदार ने कहा कि जिन मामलों में अदालतों से अंतिम फैसला हो चुका है, वहां अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की जा रही है. इसके अलावा अन्य सरकारी जमीनों की भी पैमाइश की जाएगी और जहां भी अवैध कब्जा मिलेगा, वहां बेदखली की कार्रवाई होगी.

वहीं ग्राम प्रधान पति ने कहा कि कोर्ट के आदेश का वे पालन कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि जमीन खरीदी गई थी, लेकिन अब अपील खारिज होने के बाद आदेश मान रहे हैं.

'हमारे साथ ही क्यों कार्रवाई?'– मकान मालिक का दर्द

मकान मालिक मुजाहिद ने रोते हुए कहा कि कार्रवाई सभी अवैध कब्जों पर होनी चाहिए, केवल उनके साथ ही अन्याय किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वे लोग लंबे समय से यहां रह रहे हैं और अब उनके बच्चों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है.

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