बाराबंकी: लापता नहीं गिरफ्तार हुए सपा प्रवक्ता, जानिए क्यों मनोज यादव पर पुलिस ने लिया एक्शन?

बाराबंकी पुलिस ने धमकी और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोपी सपा प्रवक्ता मनोज यादव उर्फ बबलू को गिरफ्तार कर लिया है. 11 फरवरी को दर्ज मुकदमे के बाद से वे लापता थे. पुलिस ने सफदरगंज से उन्हें साथियों समेत पकड़कर मेडिकल कराया और जेल भेजकर न्यायिक कार्रवाई शुरू कर दी है.

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सपा प्रवक्ता मनोज यादव (Photo- Screengrab) सपा प्रवक्ता मनोज यादव (Photo- Screengrab)

आशीष श्रीवास्तव / सैयद रेहान मुस्तफ़ा

  • बाराबंकी ,
  • 13 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:29 PM IST

यूपी की बाराबंकी पुलिस ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव को सफदरगंज इलाके से गिरफ्तार कर लिया है. मनोज यादव पिछले दो दिनों से लापता बताए जा रहे थे. उन्हें साथियों समेत हिरासत में लिया गया था. पुलिस का ये एक्शन एक पुराने केस से जुड़ा है. 

इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद सियासी गलियारे में हड़कंप मच गया. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच आरोपी का बड़ागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल परीक्षण कराया गया. मेडिकल के तुरंत बाद टीम उन्हें अपने साथ लखनऊ लेकर रवाना हो गई है.

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आपको बता दें कि बाराबंकी की सफदरगंज पुलिस ने धमकी देने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोपी मनोज यादव उर्फ बबलू को गिरफ्तार किया गया है. भगोलापुरवा निवासी अभियुक्त के खिलाफ 11 फरवरी को मुकदमा (मु0अ0सं0 50/26) दर्ज किया गया था. पुलिस ने आज कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है.

परिजनों ने लिखाई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट 

परिजनों के अनुसार, मनोज यादव काकोरी में एक तिलक समारोह में शामिल होने गए थे, लेकिन वहां से निकलने के बाद अचानक उनका मोबाइल बंद हो गया. पूरी रात संपर्क न होने पर परिवार ने लखनऊ के गोमती नगर विस्तार थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.

सपा प्रवक्ता के परिजनों का दावा है कि मनोज बिना बताए कहीं नहीं जाते और उनकी किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं थी. जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू करते हुए तिलक समारोह के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन खंगाली. 

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हालांकि, बाद में बाराबंकी पुलिस ने स्पष्ट किया कि उन्हें धमकी देने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के मामले में सफदरगंज इलाके से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अब तिलक समारोह से लेकर गिरफ्तारी तक के घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है ताकि गायब होने और पकड़े जाने के बीच का समय स्पष्ट हो सके.

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