अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण के बाद अब रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है. बीजेपी से लेकर वीएचपी, आरएसएस सभी इस आयोजन को राष्ट्रीय उत्सव की तरह बनाने की कोशिश में हैं. दूसरी ओर आस्था और भक्ति के इस आयोजन को लेकर विपक्षी दलों की ओर से सनातन भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली बयानबाजियां भी दिख रही हैं.
बिहार से लेकर यूपी तक अयोध्या के राम मंदिर उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के न्योते पर भी बयानबाजी जारी है. वहीं उत्तर प्रदेश में बीजेपी-कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच अयोध्या के राम मंदिर उद्घाटन को लेकर राजनीति लगातार जारी है.
निमंत्रण पर बयानबाजी जारी
समाजवादी पार्टी ये आरोप लगा रही है कि मंदिर उदघाटन में सनातन परम्परा के धर्मगुरुओं आचार्यों और शंकराचार्यों का भी सम्मान नहीं किया जा रहा है. हालांकि विश्व हिंदू परिषद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल कर समाजवादी पार्टी के उन आरोपों का खंडन किया है कि मंदिर उद्घाटन में शंकराचार्यों तक को निमंत्रण नहीं दिया गया है. हालांकि इससे पहले शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने पीएम मोदी के हाथों मंदिर उदघाटन में अपनी मौजूदगी को पद की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए 22 जनवरी को अयोध्या जाने से इनकार कर दिया था.
धर्माचार्यों के अलावा ये मेहमान भी होंगे शामिल
तमाम आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा में 125 संत परंपराओं के संत-महात्मा उपस्थित रहेंगे. इसके अलावा 13 अखाड़ों तथा 6 सनातन दर्शन के धर्माचार्य भी प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शिरकत करेंगे. इसके अलावा देश के विभिन्न क्षेत्रों, जैसे- खेल, मनोरंजन, विज्ञान, न्याय और अन्य क्षेत्रों से ढ़ाई हजार लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है. इसके लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं. चंपत राय के मुताबिक 50 देशों से करीब 100 मेहमान भी अयोध्या पहुंचेंगे.
देश ही नहीं विदेश में भी होगा लाइव प्रसारण
आपको बता दें कि देश के सभी राज्यों में प्रसारण के अलावा, राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा का प्रसारण विदेशों में विभिन्न भारतीय दूतावासों में भी किया जाएगा.अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में टाइम्स स्क्वायर पर 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा का सीधा प्रसारण होगा. ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश-विदेश के सभी रामभक्तों को संबोधित करेंगे. इस बीच, सत्तारूढ़ भाजपा ने कहा है कि वह देश भर में बूथ स्तर पर प्रतिष्ठा समारोह का सीधा प्रसारण करेगी. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बीजेपी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर श्रीराम अभिषेक के लाइव प्रसारण के लिए बड़ी स्क्रीन लगाने का निर्देश दिया गया है.
इस बीच आगामी प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए भगवान राम की 51 इंच ऊंची कृष्ण शिला (श्याम वर्ण) की मूर्ति को चुना गया है. श्याम वर्ण (गहरे रंग) में देदीप्यमान मूर्ति को दिव्यता, राजत्व और एक बच्चे की शुद्ध मासूमियत का प्रतीक माना जाता है.
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