यूपी के कौशाम्बी जिले में शादी की खुशियों के बीच अचानक ऐसा मोड़ आया कि रस्में और तैयारियां अधूरी रह गईं. जयमाल की रस्म पूरी होने के बाद दुल्हन ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया. हालात ऐसे बने कि बारात को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा.
मामला पश्चिमशरीरा थाना क्षेत्र के एक गांव का है. देर रात कटहुला, प्रयागराज से दूल्हा सजे-धजे काफिले के साथ बारात लेकर गांव पहुंचा था. द्वाराचार की रस्म से पहले ही गांव में उत्सव जैसा माहौल था. घर के बाहर रोशनी की लड़ियां, मेहमानों की चहल-पहल और डीजे की धुन पर थिरकते बाराती. हर ओर खुशी का रंग दिख रहा था. दुल्हन पक्ष ने भी बारात का पूरे सम्मान के साथ स्वागत किया. परंपरागत रस्मों के बाद वर-वधू को स्टेज पर बुलाया गया. कैमरों की फ्लैश लाइट्स के बीच दोनों ने एक-दूसरे को जयमाल पहनाई. तालियों और हंसी-खुशी के माहौल में सब कुछ सामान्य लग रहा था. किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में स्थिति पूरी तरह बदल जाएगी.
जयमाल के बाद बदला माहौल
बताया जा रहा है कि जयमाल की रस्म पूरी होते ही दुल्हन ने अचानक शादी से इनकार कर दिया. पहले तो परिजनों को लगा कि शायद कोई गलतफहमी या क्षणिक नाराजगी है. लेकिन जब दुल्हन ने दो टूक शब्दों में अपना निर्णय दोहराया, तो समारोह स्थल पर सन्नाटा पसर गया. दूल्हे पक्ष के लोग स्तब्ध रह गए. रिश्तेदारों और गांव के बुजुर्गों ने तत्काल हस्तक्षेप किया. दोनों परिवारों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ. देर रात तक पंचायत जैसी स्थिति बनी रही. समझाने-बुझाने, मनाने और कारण जानने की कोशिशें होती रहीं, लेकिन दुल्हन अपने फैसले पर अडिग रही.
रातभर चली बातचीत, नहीं निकला हल
परिवार की महिलाओं से लेकर बुजुर्ग पुरुषों तक सभी ने दुल्हन को मनाने की कोशिश की. कुछ लोगों ने अलग कमरे में बैठाकर बात की, तो कुछ ने भविष्य और समाज की दुहाई दी. लेकिन दुल्हन ने साफ कहा कि वह यह विवाह नहीं करना चाहती. दूल्हा भी असमंजस में दिखाई दिया. वह और उसका परिवार बार-बार कारण पूछते रहे, मगर सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई. रात गहराती गई और माहौल तनावपूर्ण होता गया. कई बार ऐसा लगा कि मामला सुलझ जाएगा, लेकिन अंततः बात नहीं बनी.
बिना दुल्हन के लौट गई बारात
सुबह होते-होते स्थिति स्पष्ट हो चुकी थी. विवाह की आगे की रस्में रोक दी गईं. बारातियों ने धीरे-धीरे वापसी की तैयारी शुरू कर दी. जो काफिला रात में उत्साह और संगीत के साथ आया था, वह सुबह खामोशी में लौट गया. गांव में इस दृश्य को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई. बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से कार्यक्रम समाप्त करने का निर्णय लिया. किसी तरह की हाथापाई या हंगामे की खबर नहीं है. हालांकि माहौल में मायूसी और असहजता साफ झलक रही थी.
चर्चाओं का दौर, परिजन चुप
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. कुछ लोग इसे दुल्हन का साहसिक निर्णय बता रहे हैं, तो कुछ इसे सामाजिक परंपराओं के विरुद्ध कदम मान रहे हैं. वहीं, गांव में यह भी चर्चा है कि दुल्हन का किसी अन्य युवक से पहले से संबंध था और इसी वजह से उसने विवाह से इनकार किया. हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. दोनों परिवारों के सदस्य मीडिया या बाहरी लोगों से बात करने से बच रहे हैं. किसी भी पक्ष ने थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई है. स्थानीय पुलिस का कहना है कि उन्हें इस मामले में कोई लिखित सूचना नहीं मिली है.
गांव में चर्चा का केंद्र बना मामला
दिनभर गांव में इसी घटना की चर्चा होती रही. कुछ बुजुर्गों ने इसे पहले कभी न सुनी गई घटना बताया, तो युवाओं के बीच इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जोड़कर देखा गया. बारात के लौटने के बाद दूल्हे पक्ष की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. बताया जा रहा है कि दोनों परिवार आपसी बातचीत के जरिए आगे की स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश में हैं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो.
अखिलेश कुमार