अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं. 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री समेत कई राजनीतिक दलों के नेता शामिल होंगे. प्राण प्रतिष्ठा के बाद राम मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा. राम मंदिर आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले और अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक सदस्य डॉ प्रवीण तोगड़िया ने बताया कि 24 जनवरी को कारसेवकों को रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या बुलाया गया है.
शास्त्रों के एक्सपर्ट हैं धर्माचार्य: तोगड़िया
दअरसल, प्रवीण तोगड़िया गुरुवार की शाम अपने दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे थे. इसके बाद वह सीधे काल भैरव के मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे. इस दौरान खात बातचीत में जब उनके अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शंकराचार्य की नाराजगी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि मैं कैंसर का एक्सपर्ट हूं, शास्त्रों के एक्सपर्ट हमारे धर्माचार्य हैं.
उन्होंने आगे कहा कि जिस प्रकार से भगवान राम का भव्य मंदिर बना है वैसे ही काशी विश्वनाथ का भी भव्य मंदिर बन जाए और इसके बीच में आने वाली सभी बाधाओं को बाबा काल भैरव दूर करें और धर्म के सभी शत्रुओं को दंड देने का काम काशी के कोतवाल के नाते काल भैरव करें.
ऐसी होगी अयोध्या की सुरक्षा
वहीं, आगामी प्राण प्रतिष्ठा समारोह को ध्यान में रखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और अयोध्या को रेड और येलो दो जोन में बांटा गया है. उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ-साथ अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए CISF के करीब 250 जवान और अधिकारियों को तैनात किया है. इसके अलावा यूपी एटीएस की 5 कमांडो टीम के साथ PAC और CAPF की 10 से ज्यादा कंपनी तैनात की गई हैं.
साथ ही शहर में निगरानी के लिए 11000 से अधिक कैमरे लगाए गए हैं और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में AI based Face Recognition system को एक्टिवेट किया गया है.
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