ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का टीजर सामने आते ही देशभर में हंगामा खड़ा हो गया था. ब्राह्मण संगठनों से लेकर कई राजनीतिक दलों ने इस फिल्म के शीर्षक को ब्राह्मण समाज का अपमान बताया था. विवाद बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के अनुरोध पर भारत सरकार ने फिल्म के शीर्षक को हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं.
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस मामले को गंभीर बताते हुए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म का टीजर लॉन्च होते ही ब्राह्मण समाज आहत हुआ है और इस तरह के शीर्षक सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाते हैं.
यह भी पढ़ें: 'घूसखोर पंडत' को लेकर गर्माई यूपी की सियासत
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए भारत सरकार ने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ के लिए प्रस्तावित फिल्म 'घूसखोर पंडत' के शीर्षक को हटाने के सख्त निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही भविष्य में किसी भी वर्ग विशेष पर इस तरह की अनुचित टिप्पणी को फिल्मों, वेब सीरीज या अन्य किसी भी माध्यम में अमल में न लाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि सामाजिक वैमनस्य और विद्वेष न फैले.
यह भी पढ़ें: क्या 'घूसखोर पंडत' पर बवाल के पीछे सोची-समझी रणनीति? देखें विशेष
डिप्टी सीएम ने कहा कि इस तरह की सामग्री समाज में तनाव पैदा कर सकती है और इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने और उनकी मांग को स्वीकार करने पर भारत सरकार का आभार भी जताया है.
संतोष शर्मा