जुड़वा भाइयों की गजब करतूत... बड़ा बैठता था दुकान पर तो छोटा करता था चोरी, चेहरा देख गच्चा खा जाती थी पुलिस

नोएडा पुलिस ने दो पहिया वाहन चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है. मामले में दो जुड़वा भाई समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. जिनके पास से 15 दोपहिया वाहन और भारी मात्रा में दोपहिया वाहनों के पार्ट्स भी बरामद किए गए हैं.

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बाइक चुराने वाले दोनों जुड़वा भाई. (Photo: ARVIND OJHA /ITG) बाइक चुराने वाले दोनों जुड़वा भाई. (Photo: ARVIND OJHA /ITG)

अरविंद ओझा / भूपेन्द्र चौधरी

  • नोएडा,
  • 06 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:46 PM IST

नोएडा की फेज-1 थाना पुलिस ने चोरों के एक गैंग का पर्दाफाश किया है और 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. इस गिरोह के मास्टरमाइंड एक जैसे दिखने वाले दो जुड़वा भाई थे. दोनों की सकल भी एक जैसी थी और इसी का फायदा उठाकर दोनों बड़ी आसानी से चोरी की घटना को अंजाम देते थे और पुलिस भी गच्चा खा जाती थी. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 चोरी की दो पहिया समेत भारी मात्रा में वाहनों के पार्ट्स भी बरामद किए हैं. बरामद माल की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है.

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पुलिस के मुताबिक इस गिरोह की खास बात यह थी कि आरोपी अरमान उर्फ सुट्टा और उलमान दोनों हमशकल जुड़वा भाई हैं. दोनों एक जैसे कपड़े पहनकर अदल-बदल करते थे, जिससे पहचान करना मुश्किल हो जाता था. एक भाई दुकान पर बैठता था, जबकि दूसरा उसी दौरान धूम-3 स्टाइल में चोरी की वारदात को अंजाम देता था.

यह भी पढ़ें: ग्रेटर नोएडा: पहले करते बाइक चोरी, फिर नंबर प्लेट बदलकर करते थे सेल... 3 गिरफ्तार

कंपनी और सोसाइटी के बाहर से करते थे चोरी

पुलिस ने सोमवार को सेक्टर-14ए के पास से दोनों जुड़वा भाइयों समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों की पहचान शादाब उर्फ रुतबा, अरमान उर्फ सुट्टा, उलमान और विजय के रूप में हुई है. पुलिस ने इनके पास से चोरी की 15 मोटरसाइकिल/स्कूटर/स्कूटी के अलावा 12 मोटरसाइकिल की टंकी, 5 साइलेंसर, 5 मुखोटे, 4 मडगार्ड और 2 टायर रिम बरामद किए हैं.

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पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी दिल्ली, नोएडा, एनसीआर और आसपास के इलाकों में कॉलोनियों, सोसाइटियों, कंपनियों और फैक्ट्रियों के आसपास खड़े दोपहिया वाहनों की पहले रेकी करते थे. फिर इसके बाद मौका पाकर वाहनों का लॉक तोड़कर चोरी कर लेते थे. चोरी के बाद वाहनों को कबाड़ी की दुकानों पर ले जाकर काट दिया जाता था और उनके पार्ट्स ऊंचे दामों पर बेचे जाते थे. कई बार पूरे वाहन सस्ते दामों पर दूसरे राज्यों में भी बेच दिए जाते थे.
 

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