विदेश में नौकरी का झांसा, साइबर गिरोह के हवाले किए गए भारतीय युवा, नोएडा में फर्जी एजेंट गिरफ्तार

नोएडा पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को ठगने और साइबर अपराधियों के हवाले करने वाले फर्जी एजेंट शुभम को गिरफ्तार किया है. आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पीड़ितों से पैसे वसूल करता था और उन्हें थाईलैंड, म्यांमार में साइबर स्लेवरी में फंसा देता था. पुलिस आरोपी के नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की गहन जांच कर रही है.

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी. (Photo: Bhupender Chaudhary/ITG) पुलिस की गिरफ्त में आरोपी. (Photo: Bhupender Chaudhary/ITG)

भूपेन्द्र चौधरी

  • नोएडा,
  • 14 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:53 PM IST

नोएडा थाना साइबर क्राइम पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को ठगने वाले एक फर्जी एजेंट को गिरफ्तार किया है. आरोपी भारतीय युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए अपने जाल में फंसाता था और उन्हें विदेश भेजकर वहां सक्रिय साइबर अपराधियों के हवाले कर देता था. पुलिस ने आरोपी की पहचान शुभम के रूप में की है, जिसे शामली से गिरफ्तार किया गया है. आरोपी के खिलाफ थाना साइबर क्राइम नोएडा में मुकदमा दर्ज है.

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पुलिस के मुताबिक, आरोपी अब तक देश के अलग-अलग राज्यों के करीब छह युवाओं को इसी तरीके से ठग चुका है. वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं से संपर्क करता था और विदेश में आकर्षक नौकरी दिलाने का लालच देता था. इसके बाद वह उनसे मोटी रकम वसूल कर उन्हें विदेश भेज देता था.

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इंस्टाग्राम से संपर्क, नौकरी का झांसा

मामले का खुलासा तब हुआ, जब नोएडा सेक्टर-73 निवासी एक युवक ने 12 जनवरी को थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई. पीड़ित के अनुसार, आरोपी शुभम ने इंस्टाग्राम के जरिए उससे संपर्क किया था. आरोपी ने थाईलैंड में डाटा एंट्री की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया और इसके बदले उससे 80 हजार रुपये ले लिए.

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पैसे लेने के बाद आरोपी ने पीड़ित का एयर टिकट कराया और उसे थाईलैंड भेज दिया. पीड़ित को भरोसा था कि वहां पहुंचते ही उसे नौकरी मिल जाएगी, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली.

थाईलैंड से म्यांमार तक साइबर स्लेवरी

थाईलैंड पहुंचते ही वहां मौजूद साइबर अपराधियों ने पीड़ित को अपने कब्जे में ले लिया. इसके बाद उसे जबरन म्यांमार ले जाया गया. म्यांमार में पीड़ित को साइबर स्लेवरी में रखा गया, जहां उससे दुनियाभर के लोगों से ऑनलाइन ठगी कराई जाती थी.

पुलिस के अनुसार, पीड़ित से फेसबुक, इंस्टाग्राम और टिंडर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी नागरिकों को मैसेज भेजवाए जाते थे. इन मैसेज के जरिए लोगों को ठगी के जाल में फंसाया जाता था.

अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू के बाद खुला मामला

बताया जा रहा है कि हाल ही में हुए एक अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पीड़ित को मुक्त कराया गया. इसके बाद उसे सुरक्षित भारत वापस लाया गया. भारत लौटने के बाद पीड़ित ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी, जिसके आधार पर आरोपी शुभम की गिरफ्तारी की गई.

नेटवर्क की जांच, युवाओं से अपील

पुलिस अब आरोपी के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है. साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और विदेश में सक्रिय साइबर अपराधियों से इसके क्या संबंध हैं. डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले विदेश नौकरी के ऑफर्स से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध एजेंट की जानकारी तुरंत पुलिस को दें.

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