'मानवीय भूल' या बड़ी लापरवाही? नोएडा जिला अस्पताल में इंसानों की जगह 60 हजार जानवरों वाली सिरिंज मंगवाई

नोएडा के जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां मरीजों के लिए इंसानों की सिरिंज की जगह 60 हजार वेटरनरी सिरिंज ऑर्डर दे दिया गया. ऑर्डर GeM पोर्टल के जरिए भेजा गया था और तीन स्तर की जांच के बाद भी गलती पकड़ में नहीं आई. सप्लाई आने पर मामला उजागर हुआ. प्रशासन ने ऑर्डर वापस कर भुगतान रोकने की बात कही है.

Advertisement
प्रशासन ने बताया मानवीय भूल.(Photo: AI-generated) प्रशासन ने बताया मानवीय भूल.(Photo: AI-generated)

भूपेन्द्र चौधरी

  • नोएडा,
  • 02 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:45 PM IST

नोएडा के जिला अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. अस्पताल प्रशासन ने मरीजों के इलाज के लिए इंसानों के उपयोग वाली सिरिंज की जगह 60 हजार जानवरों के लिए इस्तेमाल होने वाली वेटरनरी सिरिंज का ऑर्डर दे दिया. दरअसल, यह चूक तब सामने आई जब सप्लाई अस्पताल पहुंचने के बाद बॉक्स खोले गए और पैकेजिंग पर स्पष्ट रूप से 'वेटरनरी सिरिंज' लिखा मिला.

Advertisement

जानकारी के मुताबिक, 25 दिसंबर 2025 को अस्पताल प्रशासन ने सरकारी खरीद प्लेटफॉर्म GeM पोर्टल के माध्यम से लखनऊ की एक एजेंसी को सिरिंज सप्लाई का ऑर्डर भेजा था. यह ऑर्डर सामान्य प्रक्रिया के तहत तैयार किया गया था और इसे कई स्तरों की जांच से गुजरना था.

यह भी पढ़ें: फरीदाबाद वालों के लिए अब भी दूर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, IGI जाना ज्यादा आसान

सबसे हैरानी की बात यह है कि ऑर्डर फार्मासिस्ट से लेकर एसएमओ स्टोर और फिर सीएमएस तक तीन स्तरों की निगरानी से गुजरा, लेकिन किसी भी अधिकारी की नजर इस गंभीर गलती पर नहीं पड़ी.

सप्लाई आने पर खुली बड़ी चूक

जब सिरिंज की खेप अस्पताल के स्टोर रूम में पहुंची और पैकेजिंग खोली गई, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ. बॉक्स पर स्पष्ट रूप से लिखा था कि ये सिरिंज पशु चिकित्सा उपयोग के लिए हैं. यह देखते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और अधिकारियों के होश उड़ गए.

Advertisement

दरअशल, अस्पताल में दवाइयों और उपकरणों की खरीद की एक तय प्रक्रिया होती है, जिसमें कई स्तरों पर जांच और सत्यापन की जिम्मेदारी तय रहती है. इसके बावजूद इतनी बड़ी चूक का होना अस्पताल की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.

खास बात यह भी सामने आई कि अस्पताल की ओर से जेम पोर्टल पर दिए गए ऑर्डर में स्पष्ट रूप से 'वेटरनरी सिरिंज' लिखा हुआ था, लेकिन इसके बावजूद इसे अंतिम मंजूरी मिल गई.

प्रशासन ने बताया मानवीय भूल

इस मामले पर अस्पताल के सीएमएस अजय राणा ने इसे मानवीय भूल बताया है. उनका कहना है कि जैसे ही सप्लाई अस्पताल पहुंची, तुरंत गलती को पहचान लिया गया और ऑर्डर को वापस कर दिया गया. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस सप्लाई का कोई बिल नहीं बनाया गया और न ही किसी तरह का भुगतान किया गया है.

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि हाईटेक शहर कहे जाने वाले नोएडा के सरकारी अस्पताल में इस तरह की लापरवाही कैसे हो सकती है.

अगर समय रहते यह गलती पकड़ में नहीं आती, तो मरीजों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ हो सकता था. फिलहाल प्रशासन इसे मानवीय भूल बताकर मामले को शांत करने की कोशिश में है, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement