कानपुर: वार्मर मशीन में नवजात को रखकर भूल गया नर्सिंग स्टाफ, तड़प-तड़प कर बच्ची ने तोड़ा दम, अस्पताल छोड़ भागे डॉक्टर

कानपुर के बिठूर स्थित राजा नर्सिंग होम में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. अस्पताल के स्टाफ की भारी लापरवाही के कारण एक नवजात बच्ची को वार्मर मशीन में रखकर छोड़ दिया गया, जिससे झुलसने के कारण उसकी जान चली गई. पुलिस ने अस्पताल को सील कर दिया है.

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अस्पताल की लापरवाही से नवजात की मौत (Photo: Screengrab) अस्पताल की लापरवाही से नवजात की मौत (Photo: Screengrab)

रंजय सिंह

  • कानपुर ,
  • 09 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:20 AM IST

कानपुर के बिठूर इलाके में स्थित राजा नर्सिंग होम में रविवार शाम अरुण निषाद की नवजात बच्ची की वार्मर मशीन में जलने से मौत हो गई. शालू नाम की महिला ने शाम करीब 4-5 बजे एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था. अस्पताल की नर्सों ने बच्ची को ठंड से बचाने के लिए उसे आईसीयू की वार्मर मशीन पर रखा था. नर्सिंग स्टाफ मशीन चलाकर उसकी निगरानी करना भूल गया, जिससे मशीन का तापमान अत्यधिक बढ़ गया. इस तकनीकी और मानवीय लापरवाही के कारण मासूम का शरीर काला पड़ गया और उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई.

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परिजनों का हंगामा, डॉक्टर फरार 

बच्ची के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन लापरवाही ने इसे मातम में बदल दिया. जब परिजनों ने बच्ची को देखने की जिद की, तो नर्सों ने उन्हें टाल दिया. शक होने पर परिजन जबरन आईसीयू में घुसे तो देखा कि मासूम का सिर और हाथ बुरी तरह जल चुके थे. इस घटना के बाद अस्पताल में भारी हंगामा मच गया. स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टर विवेक मिश्रा और पूरा स्टाफ अस्पताल छोड़कर मौके से फरार हो गया.

पुलिस की कार्रवाई  

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला. डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और अस्पताल के आईसीयू को सील कर दिया गया है.स्वास्थ्य विभाग को भी इस संबंध में सूचित किया गया है. पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उधर, अस्पताल संचालक ने इसे महज एक 'हादसा' करार दिया है.

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पीड़ित परिवार का बुरा हाल

यह अरुण की पहली संतान थी, जिसकी मौत ने परिवार को तोड़कर रख दिया है. बच्ची की दादी प्रेमा और अन्य रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है. सबसे दुखद पहलू यह है कि अभी तक बच्ची की मां शालू को उसकी मौत की खबर नहीं दी गई है. परिजनों की मांग है कि इस आपराधिक लापरवाही के जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और अस्पताल का लाइसेंस रद्द हो.

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