कानपुर के बिठूर स्थित राजा नर्सिंग होम में रविवार शाम अस्पताल प्रशासन की भीषण लापरवाही के कारण एक नवजात बच्ची की वॉर्मर में जलकर मौत हो गई. नर्सों ने बच्ची को जन्म के बाद ठंडी लगने की बात कहकर वॉर्मर मशीन में रखा और उसे चालू छोड़कर भूल गईं. मशीन से धुआं निकलने पर जब परिजनों ने शोर मचाया और बच्ची को बाहर निकाला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. बच्ची अरुण और शालू की पहली संतान थी. घटना के बाद पुलिस ने अस्पताल का आईसीयू सील कर दिया है और सीएमओ की टीम मामले की विस्तृत जांच कर रही है.
गुस्साए परिजनों का हंगामा और तोड़फोड़
बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. रातभर चले हंगामे के बाद सोमवार को परिजनों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की. पिता अरुण ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ लिखित शिकायत दी है.
पुलिस का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार, अस्पताल में मौत के मामले में पहले डॉक्टरों की टीम जांच करती है, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी. फिलहाल बच्ची का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के एक विशेष पैनल द्वारा कराया जा रहा है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता चल सके.
बिना लाइसेंस चल रहा था आईसीयू
सीएमओ की तरफ से एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी के नेतृत्व में पहुंची जांच टीम को अस्पताल में बड़ी अनियमितताएं मिली हैं. जांच में सामने आया कि अस्पताल का आईसीयू बिना किसी वैध लाइसेंस या परमिशन के धड़ल्ले से चलाया जा रहा था. प्रशासन ने इसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है.
एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि फॉरेंसिक टीम भी मौके की जांच करेगी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डॉक्टरों की टीम की जांच के आधार पर अस्पताल के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सिस्टम और संवेदनहीनता पर सवाल
यह घटना निजी अस्पतालों की संवेदनहीनता और लचर व्यवस्था को उजागर करती है. पहली संतान खोने वाले परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. स्थानीय प्रशासन अब अस्पताल की अन्य कमियों की भी फाइल खंगाल रहा है. पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल अस्पताल परिसर में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और स्वास्थ्य विभाग की टीम अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है.
रंजय सिंह