उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ एक पुराने मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है. मऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है. यह मामला साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा हुआ है.
जानकारी के अनुसार, यह मामला मऊ जिले के हलधरपुर थाना क्षेत्र के रतनपुरा का है. आरोप है कि 17 मई 2019 को रतनपुरा बाजार में आयोजित एक जनसभा के दौरान ओमप्रकाश राजभर ने आपत्तिजनक बयान दिया था. उस समय वह सुभासपा की सभा को संबोधित कर रहे थे. आरोप के मुताबिक, उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं और जनता से कहा था कि अगर भाजपा के लोग वोट मांगने आएं तो उन्हें जूते से मारें.
कई बार पेशी से गैरहाजिर रहने पर कोर्ट सख्त
इस बयान के बाद हलधरपुर थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. मामले में कई बार कोर्ट में पेशी की तारीख तय की गई, लेकिन मंत्री सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुए. लगातार गैरहाजिर रहने के कारण कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया.
बताया जा रहा है कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह की कोर्ट ने बुधवार को यह आदेश दिया. इससे पहले 4 फरवरी 2026 को सीजेएम मऊ के आदेश पर इस मामले को फिर से दर्ज किया गया था और सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी.
एमपी-एमएलए कोर्ट मऊ का बड़ा आदेश
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बार-बार गैरहाजिर रहने के कारण अब सख्त कदम उठाना जरूरी हो गया था. इसी के तहत गैर जमानती वारंट जारी किया गया है, ताकि मंत्री की उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके. यह मामला अब एक बार फिर चर्चा में आ गया है और राजनीतिक हलकों में भी इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है. आगे की कार्रवाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार की जाएगी.
संतोष शर्मा