उत्तर प्रदेश में अब चाइनीज मांझे को लेकर कोई ढिलाई नहीं होगी. सरकार ने फैसला किया है कि इस जानलेवा मांझे के खिलाफ प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ विशेष अभियान चलाया जाएगा. यह अभियान सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं होगा, बल्कि जमीन पर उतरी सख्ती का नमूना बनेगा. खास बात यह है कि इस पूरे अभियान की सीधी मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उच्च अधिकारी करेंगे.
बीते दिनों चाइनीज मांझे से हुई लगातार मौतों और गंभीर हादसों ने सरकार को यह कदम उठाने पर मजबूर किया है. कहीं बाइक सवार का गला कट गया, तो कहीं बच्चे और राहगीर इसकी चपेट में आ गए. इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया था कि जब प्रतिबंध पहले से लागू है, तो चाइनीज़ मांझा खुलेआम कैसे बिक रहा है? सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह विशेष अभियान प्रदेश के सभी 75 जिलों में जल्द ही एक साथ शुरू किया जाएगा. जिला स्तर पर पुलिस, प्रशासन, व अन्य विभागों की संयुक्त टीमें बनाई जाएगी. इन टीमों को निर्देश है कि दुकानों, गोदामों, थोक बाजारों और संभावित स्टोरेज प्वाइंट्स पर एक साथ छापेमारी की जाए.
सीएम योगी की सीधी मॉनिटरिंग
इस अभियान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद बेहद सख्त हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, हर जिले से रिपोर्ट तलब की जाएगी. कहां छापा पड़ा, कितना माल जब्त हुआ, किन लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ. हर बिंदु पर मुख्यमंत्री को अपडेट दिया जाएगा. यह भी साफ कर दिया गया है कि अगर किसी जिले से लापरवाही या आंख मूंदने की शिकायत आई, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई तय मानी जाएगी.
मौत हुई तो हत्या मानी जाएगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सबसे कड़ा संदेश यही है. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चाइनीज़ मांझे की वजह से यदि किसी व्यक्ति की मौत होती है, तो उसे हादसा नहीं, बल्कि हत्या की श्रेणी में दर्ज किया जाएगा. इसका मतलब यह है कि ऐसे मामलों में गंभीर धाराएं लगेंगी और आरोपी को आसानी से राहत नहीं मिलेगी.पुलिस अधिकारियों का कहना है कि योगी सरकार का संदेश एकदम स्पष्ट है चाइनीज़ मांझा अब सिर्फ गैरकानूनी नहीं, बल्कि जानलेवा अपराध है. प्रदेश के 75 जिलों में एक साथ चलने वाला यह अभियान सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि चेतावनी है.
आशीष श्रीवास्तव