उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से रिश्तों और सामाजिक तानों की वजह से हुई दोहरी हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. थाना बरनाहल क्षेत्र के फूलापुर गांव में एक दंपति को ताना मारना इतना भारी पड़ गया कि उन्हें इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी. मृतक दम्पति के पड़ोसी ने उनके एक रिश्तेदार के साथ मिलकर हत्या व लूट की घटना को अंजाम दिया. हालांकि, मास्टर माइंड पड़ोसी ही था.
ताना मारते थे पति -पत्नी
दरअसल, आरोपी की बहन जाति विशेष के लड़के के साथ भाग गई थी. इसी को लेकर मृतक दंपति उसे ताना देते थे कि 'तेरी तो बहन भाग गई', जिसके चलते वह बौखलाया हुआ था. घटना के दौरान घर में दोनों आरोपियों ने लूटपाट भी की थी. घटना का सफल अनावरण करते हुए मैनपुरी पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उनके कब्जे से पुलिस ने लूटे गये जेवरात व दो तमंचे बरामद किये हैं.
गोली मारकर हत्या और लूटपाट
ये पूरा मामला थाना बरनाहल क्षेत्र के फूलापुर गांव का है. यहां के रहने वाले दम्पति महेश चन्द्र व उसकी पत्नी अनीता देवी की बीती 26 जनवरी की रात्रि में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. इसी दौरान घर में जमकर लूटपाट भी की गयी थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक आगरा व केबिनेट मंत्री जयवीर सिंह ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर घटना में शामिल आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था. पुलिस की 5 टीमें गठित की गई और 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा हुआ माल भी बरामद कर लिया गया.
मृतक का चचेरा दामाद भी आरोपी
पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए दो आरोपियों आनन्द और अर्जुन को गिरफ्तार किया है. दरअसल, मामूली सी बात की कीमत दम्पति को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी. आनंद म्रतक दम्पत्ति का पड़ोसी व दूसरा अर्जुन दम्पति का चचेरा दामाद निकला. पुलिस खुलासे के मुताबिक आरोपी आनन्द की बहन एक विशेष जाति के लड़के के साथ चली गयी थी, जिसका ताना मृतक महेश चन्द्र व उसके परिवार के लोग आए दिन मारते थे. इसी बात से नाराज आनन्द ने मृतक के चचेरे दामाद अर्जुन के साथ मिलकर महेश चन्द्र को मार डालने व लूट की योजना बना डाली. क्योंकि 18 फरवरी को ही में महेश चन्द्र के घर में छोटे बेटे की शादी भी होने वाली थी, इसलिए आनन्द ने अपने दोस्त अर्जुन से कहा था, कि महेशचन्द्र के घर शादी है तो काफी जेवरात भी मिलेंगे.
घर में छूटी टॉर्च से खुला राज
आनन्द और अर्जुन का टारगेट महेश चन्द्र था, परन्तु इन दोनों ने जिस समय महेश चन्द्र को गोली मारी उसी समय महेश चन्द्र की पत्नी वहां पर आ गयी. उसने हत्यारोपियों को पहचान लिया, जिसके बाद आनन्द और अर्जुन ने महेश चन्द्र की हत्या के बाद उसकी पत्नी अनीता देवी को भी गोली मारकर हत्या कर दी. उसके बाद घर में रखे जेवरात निकालकर आनन्द और अर्जुन फरार हो गये. इस दौरान आरोपी अर्जुन की टार्च मृतक महेश चन्द्र के घर छूट गयी. मृतक के घर के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि ये टार्च उनकी नहीं है, यह या तो किसी की रह गयी है या हत्यारोपियों की छूट गयी है. पुलिस ने टार्च के बारे में गहराई से छानबीन की तो टार्च ने पुलिस के हाथ हत्यारोपियों तक पहुंचा दिये. घटना के दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है.
पुष्पेंद्र सिंह