महाशिवरात्रि के अवसर पर त्रिवेणी संगम पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. माघ मेले के छठवें और अंतिम स्नान पर्व पर संगम तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जिन्होंने इस अवसर पर आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखा. इस विशाल आस्था-सैलाब में एक खास दृश्य ने सभी का ध्यान खींचा. राम भजन यादव नाम के शख्स ने अपनी 100 वर्षीय बुज़ुर्ग मां को कंधे पर उठाकर संगम में स्नान कराया.
राम भजन यादव मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से आए थे. उनकी मां इतनी वृद्ध हैं कि पैदल चलना उनके लिए मुश्किल है. इसके बावजूद राम भजन ने अपने मां के प्रति अपार श्रद्धा और सम्मान दिखाते हुए कई किलोमीटर का सफर तय कर अपनी मां को संगम स्नान करवाया. श्रद्धालु उनकी सेवा भाव और मातृभक्ति देखकर भावुक हो उठे और फूलों की माला पहनाकर उन्हें सम्मानित किया.
माघ मेले में इस प्रकार के कई भक्तिभावपूर्ण दृश्य देखने को मिले. सुबह के शुरुआती समय से ही श्रद्धालुओं की भीड़ तट पर उमड़ने लगी. सुबह 6 बजे तक लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई, जबकि 8 बजे तक यह संख्या बढ़कर 15 लाख और 10 बजे तक 20 लाख हो गई.
दोपहर 12 बजे तक 26 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. महाशिवरात्रि के इस स्नान पर्व के साथ ही 44 दिनों से चल रहे माघ मेले का औपचारिक समापन भी हो गया.
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श्रद्धालुओं ने न केवल संगम स्नान किया, बल्कि विभिन्न पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में भी भाग लिया. इस मौके पर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ नियंत्रित रहे और किसी प्रकार की असुविधा न हो.
प्रयागराज में माघ मेले के समापन पर प्रशासन और पुलिस ने सुनिश्चित किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएं. इस दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक, सामाजिक और पारिवारिक कर्तव्यों की महत्ता को भी समझा और अपने जीवन में इन्हें निभाने का संकल्प लिया.
पंकज श्रीवास्तव