लखनऊ के बहुचर्चित मानवेंद्र सिंह हत्याकांड में अब एक के बाद एक ऐसे खुलासे हो रहे हैं, जो इस पूरी वारदात को और भी भयावह बना रहे हैं. आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने अपने ही पिता की हत्या की पूरी साजिश पहले से रच रखी थी. इसके लिए उसने बाकायदा तैयारी भी की थी.
पुलिस के अनुसार, अक्षत ने हत्या से एक दिन पहले ही ऑनलाइन ग्रोसरी प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट के जरिए दो चाकू मंगवाए थे. डिलीवरी बॉय जब चाकू लेकर पहुंचा, तब तक वह अपने प्लान को अंजाम देने के लिए मानसिक रूप से तैयार हो चुका था. वहीं, शव को ठिकाने लगाने के लिए उसने आरी और एक नीला ड्रम बाजार से खुद खरीदकर घर में रख लिया था.
हत्या की साजिश और अंजाम
पूछताछ में सामने आया कि अक्षत ने हत्या के लिए समय और तरीका दोनों पहले से तय कर लिए थे. उसने घर की तीसरी मंजिल को वारदात के लिए चुना, जहां उसने अपने पिता मानवेंद्र सिंह को उनकी ही लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी. गोली लगते ही मानवेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई.
हत्या के बाद आरोपी ने हथियार को बेड के नीचे छिपा दिया, ताकि किसी को तुरंत शक न हो. लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने इस पूरे मामले को और भी खौफनाक बना दिया
शव के साथ अमानवीय बर्ताव
अक्षत ने शव को तीसरी मंजिल से नीचे तक लाया और बाथरूम में ले जाकर उसे टुकड़ों में काटना शुरू किया. इसके लिए उसने वही चाकू और आरी इस्तेमाल की, जिन्हें उसने पहले से जुटाया था.
उसने पिता के हाथ और पैर अलग कर दिए. इतना ही नहीं, उसने शरीर को पूरी तरह अलग करने के लिए पेट और पीठ को भी काटने की कोशिश की. हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार वह रीढ़ की हड्डी को नहीं काट सका. शरीर पर कई गहरे कट के निशान मिले हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि आरोपी ने बेहद बेरहमी से शव को काटा. कटे हुए अंगों और मांस के टुकड़ों को उसने कार की डिग्गी में रखा और कुछ हिस्सों को बोरी में भर दिया.
सबूत मिटाने की कोशिश
अक्षत ने पुलिस को बताया कि गोली चलने के बाद कमरे में खून फैल गया था. कंबल, चादर और तकिए पर खून के धब्बे थे और मांस के लोथड़े चिपक गए थे. उसने इन सभी चीजों को भी बोरी में भर लिया.
इसके बाद वह सदरौना इलाके की नहर के किनारे पहुंचा, जहां उसने इन सबूतों को जला दिया. पुलिस ने मौके से अधजले कपड़े और राख बरामद की है, जो जांच में अहम कड़ी मानी जा रही है.
बदबू छिपाने की चाल
शव को काटने के बाद घर में तेज दुर्गंध फैलने लगी थी. इसे छिपाने के लिए आरोपी लगातार रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल कर रहा था. उसने शव के एक हिस्से को नीले ड्रम में भरकर रखा था, ताकि बाद में उसे कहीं दूर ले जाकर ठिकाने लगा सके. सोमवार को वह इसी योजना के तहत ड्रम में भरे शव को कार से ले जाने की तैयारी कर रहा था.
कैसे खुलने लगा राज
बताया जा रहा है कि जब अक्षत शव को ठिकाने लगाने जा रहा था, तभी शराब ठेके का एक मुनीम घर पहुंच गया. उसके आने से आरोपी घबरा गया और वह शव को बाहर नहीं ले जा सका. यही वह मोड़ था, जहां से इस पूरी वारदात का खुलासा होना शुरू हुआ.
सामान्य दिनचर्या का करता रहा दिखावा
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात आरोपी का व्यवहार रहा. हत्या के बाद भी वह सामान्य तरीके से घर में रह रहा था, ताकि किसी को शक न हो.
इतना ही नहीं, पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी और उसकी बहन शव के पास बैठकर खाना तक खा रहे थे. बाहर से सब कुछ सामान्य दिख रहा था, जबकि घर के अंदर एक भयावह सच्चाई छिपी हुई थी.
बहन भी अपनी पढ़ाई और परीक्षा के लिए घर से बाहर जाती रही. दोनों भाई-बहन परिवार के अन्य सदस्यों से सामान्य तरीके से मिलते रहे, जिससे किसी को भी इस घटना का अंदाजा नहीं हुआ.
लोकेशन छिपाने की कोशिश
अक्षत ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अपनी लोकेशन भी बदलने की कोशिश की. जांच में सामने आया कि वह 20 फरवरी को काकोरी गया और वहां जाकर उसने अपना फोन ऑन किया, ताकि उसकी लोकेशन घर की बजाय काकोरी दिखाई दे.
इस मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही है. एसीपी कैंट अभय प्रताप मल्ल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट किया.
फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में पूरी वारदात को दोहराया गया, ताकि साक्ष्यों को मजबूत किया जा सके. आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल राइफल, चाकू, आरी और अन्य सामान बरामद कर लिया गया है.
परिवारिक तनाव बना वजह?
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि पिता और बेटे के बीच लंबे समय से तनाव था. पड़ोसियों के मुताबिक, मानवेंद्र सिंह अपने बच्चों के व्यवहार से नाराज रहते थे और उन्होंने घर में सख्ती बढ़ा दी थी. यह तनाव धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि अक्षत ने खौफनाक कदम उठा लिया.
कब और कैसे हुई घटना?
यह वारदात 20 फरवरी के आसपास सामने आई, जब मानवेंद्र सिंह अचानक लापता हो गए. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि उसी दिन आरोपी बेटे ग्रेजुएशन कर रहे अक्षत ने घर की तीसरी मंजिल पर अपने पिता को उनकी ही लाइसेंसी रायफल से गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
हत्या के बाद उसने शव को छिपाने की कोशिश की, लेकिन जब शरीर ड्रम में फिट नहीं हुआ तो उसने आरी से पिता के हाथ, पैर और सिर काट दिए. इसके बाद अलग-अलग हिस्सों को ठिकाने लगाने की साजिश रची गई, ताकि किसी को हत्या का शक न हो सके.
समर्थ श्रीवास्तव