प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के गारंटी कार्ड को लेकर कहा कि दो दिन से मैं देख रहा हूं कि कांग्रेस के दफ्तरों पर लोग कतार लगाकर खड़े हैं, लाख रुपया कहां है , लोग मांग रहे हैं. जनता जनार्दन की आंखों में धूल झोंक दी, भ्रमित किया. धक्का मारा जा रहा है, उनको भगाया जा रहा है. इस प्रकार का चुनाव गरीबों का अपमान है. हमारे देश का सामान्य नागरिकों का अपमान है. कभी भी देश ऐसी हरकतों को न भूलता है, न कभी माफ करता है.
लखनऊ सहित यूपी के अन्य शहरों में कांग्रेस का गारंटी कार्ड लेने वाली महिलाओं के घर जब आजतक की टीम पहुंची तो पाया कि महिलाओं को चुनाव से पहले कांग्रेस दफ्तर से और कइयों को कार्यकर्ताओं ने आकर गारंटी कार्ड दिया था, जिसको जमा करके आज खटाखट खटाखट के पैसों के इंतजार में हैं. लखनऊ में तो आज भी महिलाएं कार्ड को जमा करने कांग्रेस दफ्तर पहुंचीं.
यासमीन बानो जो वाल्मीकि मोहल्ला लखनऊ की रहने वाली हैं, उनके मुताबिक, कांग्रेस दफ्तर से इलेक्शन से फॉर्म भर कर जमा किया था. साल का 1 लाख देने को कहा गया था, उम्मीद तो है कि मिलेगा. शायरा बानो अपने पति की मौत के बाद काम करने लगी हैं, उनके मुताबिक, कार्ड भरकर जमा कर दिया है, जब जीत जाएंगे तो महीने का साढ़े 8 हजार मिलने का वादा किया था. हमें पूरी उम्मीद है. कोशिश चल रही है. हमारा नसीब होगा तो जरूर जीतेंगे. जबान दिया है तो करना चाहिए. राहुल गांधी ने जबान दिया था.
नसीमा बानो लखनऊ की रहने वाली हैं, उनके मुताबिक, इलेक्शन के पहले यह फॉर्म लिया था. फॉर्म भरकर जमा कर दिया. पैसा मिलेगा तो नसीब, ना मिलेगा तो नसीब. कांग्रेस के लोगों ने बताया था कि 1 जुलाई से खटाखट-खटाखट पैसा आने लगेगा.
जहांआरा सदर की रहने वाली हैं, उनके मुताबिक फॉर्म कांग्रेस ऑफिस से लिया था, उसमें आधार नंबर, मोबाइल नंबर भरा गया था. पहली बार सुना कि खटाखट पैसा आएगा. उसके बाद इंतजार है. तमन्ना घरों में काम करके परिवार का पालन पोषण करती हैं, उनका एक छोटा सा घर है. तमन्ना का कहना है कि 10 दिन पहले फॉर्म मिला. साल का 1 लाख मिलने की बात कही गई थी. कांग्रेस की सरकार बनने पर मिलने की बात कही गई.
उम्मीद तो है कि मिलेगा. जुलाई के बाद आने की बात कही गई है. बैंक में चेक कराया है, अब तक नहीं आया. राहुल गांधी ने गारंटी दी थी कि गरीब महिलाओं को 1 लाख सालाना दिया जाएगा. हमने कांग्रेस पार्टी ऑफिस से यह लिया था, जब लोगों को मिल था. शबाना लखनऊ के हाथाबाग की रहने वाली हैं, परिवार में उनके ऊपर जिम्मेदारी है, उनका कहना है कि इलेक्शन से पहले कांग्रेस ऑफिस से 1 तारीख को कार्ड लिया था. 8 हजार महीना मिलने की बात सुनी थी. चुनाव के पहले सबको कार्ड मिला था.
वाल्मीकि मोहल्ला की रहने वाली विजय लक्ष्मी की आर्थिक स्थिति कमजोर है, उन्होंने कहा कि गारंटी कार्ड जमा किया था. कांग्रेस दफ्तर में कार्ड मिल रहा था. हमने भी जमा कर दिया. उम्मीद है कि पैसा आएगा. मुन्नी ने कहा कि फॉर्म भरने पर पैसा मिलने की बात कही गई थी. नहीं मिलेगा तो कोई बात नहीं. जो बेरोजगार हैं, उन्हें रोजगार मिले, यही उम्मीद है. अफसाना ने कहा कि चुनाव के 15 दिन पहले कार्ड मिला था. फॉर्म कांग्रेस ऑफिस से लाए थे. रेशम इदरीसी ने कहा कि महीने में 8 हजार आने का वादा किया था.
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मुश्तरीफ फातिमा ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता आए थे और कार्ड बांटा था. कुछ लोग बाद में कांग्रेस दफ्तर जाकर भी फॉर्म लेकर आए थे. बांटते समय कांग्रेस की सरकार आने पर सबको पैसे मिलने की बात कही थी. घर में कितने वोट हैं, इसकी जानकारी मांगी गई थी. जुलाई से पैसे मिलने की बात कही गई थी.
रीता नवबस्ता की रहने वाली हैं, उनका कहना है कि कार्ड कांग्रेस दफ्तर से मिला था, वही हमने भरा था. किरन शुक्ला घरों में काम करती हैं, उनके मुताबिक, 3 तारीख को कांग्रेस ऑफिस से फॉर्म दिया था. फॉर्म में नाम, पता, मोबाइल नंबर भरकर जमा किया था. 8000 रुपये प्रति माह मिलने का वादा किया था. कांग्रेस दफ्तर के बाहर आज भी महिलाएं कार्ड लेने पहुंचीं. उन्होंने कहा कि उनको कार्ड नहीं मिला है और ना ही उनसे जमा किया जा रहा है.
यूपी में इंडिया गठबंधन की सरकार तो नहीं बन पाई, लेकिन चुनाव के दौरान कांग्रेस ने मतदाताओं के बीच कांग्रेस का गारंटी कार्ड वितरित किया था. इस गारंटी कार्ड में महिलाओं को प्रति वर्ष एक लाख रुपए, शिक्षित बेरोजगार युवाओं को प्रतिवर्ष एक लाख रुपए, मजदूरों को 400 दिन की कार्य योजना के साथ हर वर्ग को न्याय की योजनाओं की गारंटी दी गई थी. चुनाव परिणाम आने के बाद आंकड़े एनडीए के पक्ष में आए और इंडिया गठबंधन की सरकार नहीं बन पाई.
जिन लोगों से कांग्रेस ने गारंटी कार्ड भरवाकर वोट मांगे थे, वे लोग अब निराश दिखाई दे रहे हैं. हमने पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली और इटावा में ऐसे लोगों से बात की, जिन्होंने कांग्रेस के इस गारंटी कार्ड से प्रभावित होकर इंडिया गठबंधन को वोट दिया था और अब वह निराश दिखाई दे रहे हैं.
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दरअसल चुनाव के दौरान कांग्रेस ने एक गारंटी कार्ड भरवाया था, जिसमें इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर एक लाख सालाना यानी साढ़े आठ हजार रुपये महीने दिए जाने के साथ-साथ तमाम वादे किए गए थे. अब चूंकि केंद्र में एनडीए की सरकार बनने जा रही है तो ग्राउंड जीरो पर ऐसे कई लोगों से बात की, जिन्हें गारंटी कार्ड दिया गया था.
उत्तर प्रदेश के चंदौली के दीनदयाल नगर के काली महाल मोहल्ले में रहने वाली पवित्रा देवी से भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गारंटी कार्ड भराया था. पवित्रा ने बताया कि चुनाव के दौरान कांग्रेस के लोगों ने यह कहकर कार्ड भरवाया था कि कांग्रेस जीत जाती है तो इनका पैसा मिलेगा.
इसी मोहल्ले की अनीता देवी ने कहा कि कार्ड भरवाया गया था कि जब कांग्रेस जीतेगी तो ₹8000 मिलेंगे. सरकार तो भाजपा की बन रही है तो अनीता देवी ने कहा कि अब क्या ही किया जा सकता है. काली महाल के राकेश सिंह से भी कार्ड भरवाया गया था. उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान यह कहकर कार्ड भरवारा गया था कि सरकार आ जाएगी तो साढ़े आठ हजार रुपए मंथली मिलेगा, लेकिन जब सरकार ही नहीं आयी तो अब क्या कह सकते हैं.
वार्ड नंबर 13 के रहने वाले मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि चुनाव के दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने गारंटी कार्ड भरवाया था. अब चूंकि एनडीए की सरकार बन रही है, फिर भी हमें यकीन है कि आने वाले दिनों में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी और हमको इसका लाभ मिलेगा. दीनदयाल नगर के हनुमानपुर इलाके के रहने वाले सेवालाल गुप्ता ने कहा कि हम लोगों ने इस कार्ड को इस उम्मीद के साथ भरा है कि जब इंडिया गठबंधन की सरकार आएगी तो इसका लाभ हमको मिलेगा. दीनदयाल नगर के रमेश कुमार सिंह से भी यह कार्ड भरवारा गया था. रमेश ने कहा कि हम इंतजार करेंगे.
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इसके बाद शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रामजी गुप्ता से मुलाकात की, जिनके नेतृत्व में चुनाव के दौरान यह कार्ड वितरित किए गए थे. रामजी गुप्ता ने कहा कि राहुल गांधी ने घोषणा की थी, जिसमें पांच न्याय और 25 गारंटियां थीं. हम लोग गांव-गांव घर-घर जाकर इसको वितरित किए. हमने लोगों को समझाया कि अगर इंडिया गठबंधन की सरकार बनती है तो कांग्रेस ने जो घोषणा की है, उसे पूरा किया जाएगा.
रामजी गुप्ता ने कहा कि मतदान के दौरान इसका असर दिखाई दिया. जब हम लोग बूथ पर जाते थे तो लोग पूछते थे कि हाथ का पंजा कहां है. चूंकि चंदौली में इंडिया गठबंधन से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह चुनाव मैदान में थे. लोगों में इतना रुझान था कि वह हाथ का पंजा खोज रहे थे, लेकिन हम लोगों को बताना पड़ रहा था कि यहां पर इंडिया गठबंधन से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं.
उन्होंने कहा कि लोगों ने पंजा के बदले साइकिल पर मतदान किया, जिसका नतीजा रहा कि यहां पर वीरेंद्र सिंह भाजपा के तमाम हथकंडे अपनाने के बावजूद जीत हासिल किए. जब रामजी गुप्ता से पूछा कि अब एनडीए की सरकार बन रही है तो इस वादे का क्या होगा? तो रामजी गुप्ता ने बताया कि यह सरकार बन रही है और स्थिर सरकार नहीं है. उनके हटने के बाद जब भी हमारी सरकार बनेगी तो जो हमारे वादे हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा.
इटावा में भी कांग्रेस ने न्याय पत्र गारंटी कार्ड वितरित किया था, जिसमें महिलाओं को प्रतिवर्ष एक लाख रुपए, शिक्षित बेरोजगार युवाओं को प्रतिवर्ष एक लाख रुपए, मजदूरों को 400 दिन का कार्य योजना के साथ हर वर्ग को न्याय की योजनाएं बताई गई थीं.
इटावा में लगभग 6 हजार गारंटी कार्ड बांटे गए, जिस पर महिलाओं को विश्वास में लेकर मतदान करवाया गया. कांग्रेस की सरकार न आने पर भी कांग्रेस और सपा को समर्थन करने वाली मुस्लिम महिलाओं ने बेबाकी से अपनी बात रखी. गारंटी कार्ड प्राप्त करने वाली महिलाओं ने कांग्रेस का समर्थन किया और उन्होंने कहा कि भले ही अभी सरकार नहीं बनी है, लेकिन उम्मीद है. भाजपा सरकार कमजोर हुई तो वह कितने दिन चल पाएगी यह तो समय बताएगा.
नरगिस ने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस का यह घोषणा पत्र दिया गया था. कांग्रेस सरकार बनी हो या ना बनी हो, लेकिन जब भी सरकार बनेगी, तब यह योजना का लाभ मिलेगा. राहुल गांधी ने कहा था कि हमारी सरकार बनते ही तुरंत योजना का लाभ मिलेगा. हमें उम्मीद है कि सरकार कुछ दिन बाद बनेगी.
हिना ने कहा कि हम लोगों को लग रहा है कि पैसे मिलेंगे. कांग्रेस पार्टी कुछ हद तक जीत चुकी है, थोड़ा बहुत फर्क रह गया है. हर बार एक को मौका नहीं मिलना चाहिए. अब राहुल गांधी को मौका देना चाहिए और देखना चाहिए. पहले भी लोगों ने देश चलाया है, तब महंगाई, बेरोजगारी नहीं थी. इटावा की निगर के पास गारंटी कार्ड है, उनका कहना है कि अभी कांग्रेस की सरकार नहीं बन रही है, इसलिए इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा, उनकी सरकार बनेगी तो जरूर मिलेगा.
शहर अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी पल्लव दुबे ने कहा कि इटावा शहर के 40 वार्डों में गारंटी कार्ड बांटे गए थे. राहुल गांधी के न्याय पत्र से इंडिया गठबंधन को बड़ी जीत मिली है. उसमें हम लोगों ने पांच न्याय की बात की थी. युवा, छात्र, किसान, महिला न्याय की बात की थी, इसमें लिखी योजनाओं के बारे में सभी बातें रखी गई थीं. जैसे ही न्याय पत्र लोगों ने पढ़ा तो कार्ड लेने के लिए हजारों लोग आए. तब लोगों ने कहा कि हमें कांग्रेस के साथ काम करना है. योजनाएं बहुत अच्छी हैं.
आशीष श्रीवास्तव / अमित तिवारी / उदय गुप्ता