लखनऊ के सैरपुर इलाके से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दोस्ती के नाम पर एक किशोरी को ब्लैकमेल कर उसके ही घर में बड़ी चोरी को अंजाम दिलवाया गया. दरअसल, एक 14 साल की कक्षा सात की छात्रा अपने ही पूर्व क्लासमेट के जाल में फंस गई थी. आरोपी किशोर ने पहले किशोरी से दोस्ती की और फिर उसके प्राइवेट फोटो और वीडियो हासिल कर लिए.
बताया जा रहा है कि इन तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने किशोरी को इस कदर डराया कि उसने डर के मारे अपने ही घर के गहनों पर हाथ साफ करना शुरू कर दिया. घटना का खुलासा होने पर परिवार वालों की शिकायत के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा.
पीड़ित पिता, जो पेशे से सर्राफ और बर्तन व्यवसायी हैं, उनके होश तब उड़ गए जब घर में शादी की तैयारियों के दौरान अलमारी का लॉकर खोला गया. लॉकर से करीब 25 लाख रुपये के जेवर गायब थे, जिनमें सोने के कंगन, मंगलसूत्र, अंगूठियां और भारी मात्रा में अन्य आभूषण शामिल थे.
काफी खोजबीन के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने अपनी बेटी से सख्ती से पूछताछ की. भारी दबाव के बीच किशोरी फूट-फूट कर रो पड़ी और उसने ब्लैकमेलिंग की पूरी दर्दनाक दास्तां बयां कर दी.
हैरानी की बात यह है कि जब पीड़ित पिता न्याय की गुहार लेकर थाने पहुंचे, तो पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय उन्हें 'समझौते' की सलाह दे डाली. खाकी का यह रवैया अपराधियों के हौसले बुलंद करने वाला था. हालांकि, जब पिता ने हार नहीं मानी और डटे रहे, तब जाकर शनिवार को मामला दर्ज किया गया. इंस्पेक्टर मनोज कोरी के मुताबिक, अब मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. आरोप यह भी है कि इस पूरी साजिश में आरोपी किशोर के पिता ने भी उसका साथ दिया और जेवर ठिकाने लगाने में मदद की.
किशोरी के पिता का दावा है कि इस घिनौने कृत्य में केवल वह किशोर ही नहीं, बल्कि उसके कुछ अन्य साथी भी शामिल हैं जिन्होंने ब्लैकमेलिंग के इस खेल में सहयोग किया. पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है कि आखिर 25 लाख के जेवर कहां खपाए गए. फिलहाल, सैरपुर पुलिस आरोपियों की तलाश और बरामदगी के लिए दबिश दे रही है.
आशीष श्रीवास्तव