'कोविड में लिया काम, अब क्यों निकाल दिया...' संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने घेरा डिप्टी CM का आवास, रखी ये मांग

उत्तर प्रदेश के सैकड़ों संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने डिप्टी CM ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव किया. इस दौरान करीब 5 हजार से ज्यादा संविदा स्वास्थ्यकर्मी धरने पर बैठे. इन स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी नौकरी को बहाल करने की मांग की. इसी के साथ पूछा कि कोविड में काम लिया, लेकिन उन्हें अब क्यों निकाल दिया गया है.

Advertisement
मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हेल्थ वर्कर. मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हेल्थ वर्कर.

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 22 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 2:57 PM IST

Lucknow News: कोविड महामारी के दौरान संविदा पर भर्ती किए गए स्वास्थ कर्मचारी अब अपनी बहाली की मांग कर रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास के सामने बड़ी संख्या में प्रदेशभर से लोग अपनी मांगों को लेकर पहुंचे और प्रदर्शन किया. इन लोगों ने अपनी सेवाएं, जो कि खत्म कर दी गई हैं, उनकी बहाली की मांग की. ऐसे करीब पांच हजार से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मी हैं, जिन्होंने कोविड महामारी के दौरान अपनी सेवाएं दी थीं. अब ये लोग अपने समायोजन की मांग कर रहे हैं.

Advertisement

जानकारी के अनुसार, कोविड काल में काम करने वाले स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारी लखनऊ में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पर पहुंचे. इस दौरान बड़ी संख्या में संविदा कर्मियों ने घेराव करते हुए प्रदर्शन किया और अपनी मांगें रखीं. इस प्रदर्शन में शामिल होने कई जिलों से कर्मचारी लखनऊ पहुंचे थे, जिन्होंने संविदा विस्तार की मांग की है.

यहां देखें Video

लखनऊ में डिप्टी सीएम के आवास पर प्रदर्शनकारियों को देखते हुए मौके पर स्थानीय पुलिस और एक ट्रक पीएसी बुला ली गई. प्रदेश के विभिन्न जिलों से लखनऊ पहुंचे स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों का कहना था कि नौकरी जाने के बाद हम सड़क पर आ गए हैं. कोविड में काम लिया गया, लेकिन उसके बाद अब निकाल क्यों दिया गया है. हम यहां करीब 15 बार आ चुके हैं. हर बार सिर्फ आश्वासन मिला है.

Advertisement

संविदा कर्मियों ने कहा कि नौकरी जाने से हम बेरोजगार हो गए हैं. स्थानीय स्तर पर हमारी कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है, इसलिए अपनी बात डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक तक पहुंचाने के लिए लखनऊ पहुंचे हैं. लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे इन लोगों के हाथों में पंपलेट थे, जिन पर उनकी मांगें लिखी हुई थीं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement