Lucknow Building Collapse: 'रेस्क्यू के नाम पर तमाशा हुआ'... मां-पत्नी की मौत पर भड़के सपा नेता

लखनऊ बिल्डिंग हादसे में सपा नेता अब्बास हैदर की मां बेगम हैदर और पत्नी उज्मा अब्बास की मौत हुई है. दोनों की डेथ बॉडी को लेकर सिविल अस्पताल में हंगामा हुआ. अब्बास हैदर का आरोप है कि रेस्क्यू के नाम पर तमाशा किया जा रहा है, रेस्क्यू का ऑपरेशन ठीक से नहीं किया गया, जहां बताया गया था वहां पर ड्रील नहीं किया.

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सपा नेता अब्बास हैदर की मां और पत्नी का निधन सपा नेता अब्बास हैदर की मां और पत्नी का निधन

अभिषेक मिश्रा

  • लखनऊ,
  • 25 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 2:17 PM IST

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार की शाम को एक पांच मंजिला इमारत भरभराकर ढह गई. हजरतगंज इलाके के अलाया अपार्टमेंट में पांच मंजिला इमारत गिरने से हड़कंप मच गया. NDRF और SDRF के साथ-साथ सेना की टीम भी राहत और बचाव के काम में जुटी तो 16 लोगों को मलबे से निकाल लिया गया. इसमें से दो महिलाओं की मौत हो गई.

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अलाया अपार्टमेंट निर्माण को लेकर जांच के आदेश दिये गये हैं. अलाया अपार्टमेंट को जारी की गई एनओसी की भी जांच होगी. इस मामले में मेरठ से समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश मंजूर को हिरासत में लिया गया. अपार्टमेंट गिरने से जिन दो महिलाओं की मौत हुई है, वह सपा के प्रवक्ता अब्बास हैदर के परिवार से हैं.

सपा नेता अब्बास हैदर की मां बेगम हैदर और पत्नी उज्मा अब्बास की मौत हुई है. दोनों की डेथ बॉडी को लेकर सिविल अस्पताल में हंगामा हुआ. सपा प्रवक्ता अब्बास हैदर का आरोप है कि रेस्क्यू के नाम पर तमाशा किया जा रहा है, रेस्क्यू का ऑपरेशन ठीक से नहीं किया गया, जहां बताया गया था वहां पर ड्रील नहीं किया.

घटनास्थल पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पहुंचे थे

सपा नेता अब्बास हैदर ने कहा कि घंटों तक परिजन अंदर दबे रहे, ना समय पर ऑक्सीजन पहुंचाई गई और ना ही पानी मिला, मेरी पत्नी और मेरी मां की दम घुटने से मौत हो गई, इसका जिम्मेदार प्रशासन है जिसने लापरवाही बरती, सरकार रेस्क्यू के नाम पर तमाशा कर रही है, मंत्री और बड़े आला अधिकारी मौके पर आकर फोटो खिंचा रहे हैं.

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सपा नेता अब्बास हैदर ने कहा कि अभी भी पंचनामा करके डेथ बॉडी ना देकर पोस्टमार्टम के लिए कहा जा रहा है, हमें अपने परिजन की बॉडी चाहिए और हम किसी भी तरीके का पोस्टमार्टम नहीं चाहते, जिनकी लापरवाही से यह मौत हुई उन पर कार्रवाई हो, सरकार रेस्क्यू के नाम पर तमाशा कर रही है, इनकी लापरवाही से दो लोगों की जान चली गई.

कैसे हुआ हादसा?

लखनऊ में मंगलवार दोपहर आए भूकंप के कुछ घंटों बाद ही अलाया अपार्टमेंट नाम की बिल्डिंग भरभरा कर गिर गई. बिल्डिंग गिरने की ये खबर शहर में जंगल की आग की तरफ पहुंची तो आनन-फानन में पुलिस और प्रशसान की टीमें मौके पर जा पहुंचीं. राहत और बचाव का काम बहुत तेजी से शुरू कर दिया गया.

NDRF और SDRF की टीमें ज़िंदगी बचाने के अभियान में जुट गईं और यहां तक कि सेना की टीम को भी इस मिशन में उतार दिया गया. लखनऊ के वजीर हसन रोड पर बनीं इस पांच मंजिला इमारत में क़रीब 14 से 15 परिवार रहते थे. पांच मंजिला अलाया अपार्टमेंट में कुल 12 फ्लैट थे, जिसमें सबसे ऊपर एक पेंटहाउस था.

ये हादसा शाम करीब साढ़े छह बजे के आस पास हुआ. बिल्डिंग हादसे के बाद पुलिस ने मेरठ से समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक और पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश मंजूर को हिरासत में लिया है, क्योंकि जो इमारत गिरी है नवाजिश मंजूर उसके मालिक बताए जा रहे हैं और इस बिल्डिंग को बनाया था यजदान बिल्डर ने. 

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पुलिस के मुताबिक, भूतल पार्किंग में पानी का रिसाव हो रहा था और पाइप डालने का काम चालू था, ड्रिलिंग मशीन से खुदाई हो रही थी. आशंका है कि इसी दौरान इमारत का फाउंडेशन ग्रिड डैमेज हुआ, जिससे पूरी ताश के पत्तों की तरह ढह गई. अब सच क्या है ये तो जांच से ही सामने आएगा.

 

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