लखनऊ कांड: जेल में रातभर बड़बड़ाया अक्षत, खाना भी छोड़ा...पिता का कत्ल कर छिपाया था ड्रम में

लखनऊ में मानवेंद्र सिंह हत्याकांड के आरोपी अक्षत को जेल भेज दिया गया है. पुलिस के अनुसार उसने पूछताछ में पिता की हत्या की बात कबूल की है. जेल में उसकी मानसिक स्थिति अस्थिर बताई जा रही है और उसे अस्पताल वार्ड में निगरानी में रखा गया है. पुलिस कॉल डिटेल और करीबी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.  

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जेल में रातभर बड़बड़ाया अक्षत, छोड़ा खाना (Photo: itg) जेल में रातभर बड़बड़ाया अक्षत, छोड़ा खाना (Photo: itg)

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 27 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:27 PM IST

Manvendra Singh Murder Case: लखनऊ में अपने पिता मानवेंद्र सिंह की हत्या और फिर लाश को काटकर ड्रम में छुपाने के आरोप में गिरफ्तार अक्षत अब जेल में बंद है. पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म स्वीकार किया और बताया कि घटना गुस्से में हुई. मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं.

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जेल में बेचैनी, रात भर बड़बड़ाया अक्षत

जेल सूत्रों के मुताबिक, अंदर पहुंचने के बाद अक्षत की हालत सामान्य नहीं रही. पहली रात वह सो नहीं सका और लगातार बड़बड़ाता रहा. उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे अस्पताल वार्ड में भर्ती कराया है. डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है. बताया जा रहा है कि समझाने के बाद उसने दोपहर में थोड़ा भोजन किया, लेकिन रात में फिर खाने से इनकार कर दिया. वह दीवार के सहारे बैठा रहा और पूछताछ में कहा कि घटना से पहले उसके पिता ने उसे पीटा था, जिसके बाद उसने गोली चला दी. फिलहाल दो सुरक्षाकर्मी उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं और काउंसिलिंग भी कराई जा रही है.

बदल दिया था सरेंडर का इरादा

पुलिस के अनुसार, अक्षत ने बताया कि वारदात के बाद वह खुद थाने जाकर आत्मसमर्पण करने की सोच रहा था. उसने पुलिस को फोन करने या आशियाना थाने पहुंचने का मन बनाया था, लेकिन एक करीबी के फोन के बाद उसका इरादा बदल गया. जांच एजेंसियों का मानना है कि उसी शख्स की सलाह पर गुमशुदगी दर्ज कराने और साक्ष्य मिटाने की योजना बनाई गई. पुलिस अब उस करीबी व्यक्ति की भूमिका की पड़ताल कर रही है.

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कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच

जांच टीम मानवेंद्र सिंह और अक्षत दोनों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाल रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि घटना से पहले और बाद में किन-किन लोगों से बातचीत हुई. परिवार के अन्य सदस्यों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे. पुलिस यह भी स्पष्ट करना चाहती है कि वारदात के समय घर में कौन मौजूद था और किसी अन्य की संलिप्तता तो नहीं थी.

साक्ष्य मिटाने की कोशिश  

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने स्वीकार किया कि घटना के बाद उसे पकड़े जाने का डर सताने लगा था. उसने शव को ठिकाने लगाने के बारे में सोचा. शुरुआत में वह इसे अकेले हटाने में असमर्थ रहा. बाद में उसने बाजार से सामान खरीदकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की. हालांकि, पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच के चलते मामला खुल गया. फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है.  

 

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