उत्तर प्रदेश में रायबरेली के नकटुआ क्षेत्र के रहने वाले एक शख्स का शव उसके ही घर में मिलने से सनसनी फैल गई. दो दिन पहले मृतक हरिओम की लाश कमरे में फांसी से लटकी हुई मिली. तब उसकी लिव इन पार्टनर शीतल उसे फांसी से उतारकर अस्पताल ले गई थी और बताया कि हरिओम ने आत्महत्या की है. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
लिव- इन में रहता था कपल
हालांकि, हरिओम के परिजनों ने शीतल पर हत्या का शक जताते हुए उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हरिओम की मौत आत्महत्या थी या हत्या. गौरतलब है कि चांदपुर में एक फाइनेंस कंपनी में मैनेजर हरिओम नेहरू चौक स्थित एक बिल्डिंग में कमरा लेकर शीतल के साथ लिव-इन रिलेशन में रहते थे. हापुड़ की रहने वाली शीतल नूरपुर के अस्पताल में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर तैनात थी.
शादी को तैयार नहीं था परिवार
पुलिस ने पूरे मामले की जांच पड़ताल की और शीतल को हिरासत में ले लिया. सीओ चांदपुर देश दीपक के अनुसार कड़ाई से पूछताछ पर शीतल ने जुर्म कबूल कर लिया है. उसने बताया कि घटना वाली रात को दोनों ने पहले साथ में शराब पी और फिर दोनों के बीच विवाद हो गया. शीतल हरिओम से शादी के लिए दबाव बना रही थी लेकिन हरिओम के परिजन तैयार नहीं थे. उससे पहले शीतल गर्भवती भी हो चुकी थी जिसका हरिओम ने गर्भपात करा दिया था. इसी को लेकर दोनों में विवाद भी चल रहा था.
'आत्महत्या करने चला तो बोली- ला मैं ही तुझे मार दूं'
उसने बताया कि 15 जनवरी को भी दोनों के बीच मारपीट हुई थी जिसके बाद शीतल अपने घर चली गई थी. इसके बाद फिर वो 18 जनवरी को वापस लौटी थी. उसने शादी के लिए ज्यादा दबाव बनाया तो हरि ओम ने उसे फांसी लगाने की धमकी देते हुए घर के बेड पर खड़े होकर अपने गले में केबिल डाल लिया. इसी से गुस्से में आई शीतल ने उसके पैरों में यह कहते हुए लात मार दी कि मैं ही तुझे मार देती हूं. जिससे वह फांसी पर झूल गया और दम घुटने से हरिओम की मौत हो गई.
आत्महत्या दिखाने के लिए बाहर निकलकर घूमी
इसके बाद शीतल हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए कुछ देर के लिए घर से बाहर भी निकल कर घूमी ताकि लोगों को लगे कि वह बाहर सामान लेने गई थी और इस दौरान हरिओम में आत्महत्या कर ली. लौटकर आने के बाद उसने हरिओम की लाश को फंदे से उतारा और मोहल्ले के लोगों को आत्महत्या करने की बात बताते हुए वह उसको अस्पताल भी ले गई लेकिन तब तक हरिओम की मौत हो चुकी थी.
पोस्टमार्टम में मिले ऐसा सबूत
पोस्टमार्टम के दौरान हरिओम के शरीर पर चोट के निशान भी मिले थे. इसके बाद परिजनों ने हरिओम का दोबारा से पोस्टमार्टम कराने को लेकर हंगामा भी किया था . ऐसे में दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया , उसी के आधार पर पुलिस ने शीतल से पूछताछ की और शीतल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. इसके बाद पुलिस ने शीतल को हरिओम की हत्या में शामिल मानते हुए गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. शीतल और हरिओम पिछले डेढ़ साल से एक साथ रहते थे.
संजीव शर्मा (बिजनौर)