उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक प्राथमिक विद्यालय में गमला टूटने की घटना के बाद एक छात्र को स्कूल से बाहर कर दिया गया. इतना ही नहीं, यह भी आरोप है कि उसके परिजनों से 1 हजार रुपये जुर्माना मांगा गया है. परिजनों ने इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) से की है. शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं.
दरअसल, यह मामला विकासखंड मूरतगंज के प्राथमिक विद्यालय जलालपुर गोरियों का बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, कक्षा 5 में पढ़ने वाला छात्र आदित्य कुमार स्कूल परिसर में खेलते समय कथित रूप से एक गमला टूट गया. इसके बाद इस घटना को लेकर विवाद खड़ा हो गया और छात्र को स्कूल से बाहर कर दिया गया. छात्र के फिता का नाम महेंद्र कुमार है.
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छात्र को स्कूल से बाहर करने और जुर्माना मांगने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका आशा कुमारी ने छात्र को स्कूल से बाहर निकालकर गेट बंद कर दिया और उसके अभिभावकों को बुलाने के लिए कहा. इसके बाद छात्र अपनी मां को लेकर स्कूल पहुंच गया. परिजनों का कहना है कि इस दौरान उनसे 1 हजार रुपये जुर्माना देने की मांग की गई. इतना ही नहीं, आरोप है कि पुलिस के 112 नंबर पर कॉल कर बच्चे को पकड़वाने की धमकी भी दी गई.
इस घटना के बाद छात्र और उसके परिवार के लोग मानसिक रूप से परेशान और चिंतित बताए जा रहे हैं. परिजनों ने इस पूरे मामले को शिक्षा विभाग के सामने रखते हुए कार्रवाई की मांग की है.
बीएसए ने दिए जांच के आदेश, जांच के बाद होगी कार्रवाई
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कमलेन्द्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी में गमला टूटने को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है. हालांकि, जुर्माना मांगने के आरोप की पुष्टि अभी नहीं हुई है.
बीएसए ने बताया कि मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या दोष सामने आता है, तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
अखिलेश कुमार