स्कूलों में साथ पढ़ने वाली छात्राओं के साथ किसी छात्र का फोटो खींचकर अपने फेसबुक पर लगाना कोई बड़ी बात नहीं है. यह दोस्ती में आम बात है लेकिन कानपुर में दसवीं के छात्र के लिए अपनी सहपाठी छात्रा के साथ फोटो खींच कर पोस्ट फेसबुक पर लगाना उसकी मौत का कारण बन गया क्योंकि इस फोटो को लेकर नवी का छात्र उसको ब्लैकमेल कर रहा था कि यह फोटो मैं लड़की के घर वालों को दिखाऊंगा इससे परेशान होकर दसवीं के छात्र ने आईपैड पर लिखा मैं जनवरी में स्कूल में छात्र के साथ फोटो खींची थी जिसका स्क्रीनशॉट लेकर गली का रहने वाला छात्र मुझे ब्लैकमेल कर रहा है. मैं मरने जा रहा हूं. छात्रा की कोई गलती नहीं है, इस लड़के को कड़ी सजा दिलाई जाए. यह लिखकर छात्र नहीं ट्रेन से कट कर जान दे दी पुलिस मामले की जांच कर रही है
कानपुर के काकादेव में रहने वाले अनिल सैनी का 17 साल का बेटा समीर सैनी हाई स्कूल का छात्र है. वह इलाके के ब्रज पब्लिक स्कूल में पढ़ता था. वह रात को 9 बजे कोचिंग पढ़ने जाता था. बुधवार को कोचिंग पढ़ने गया लेकिन उसके बाद लौटा नहीं तो घर वालों ने उसकी खोजबीन शुरू की. इसी दौरान उसकी बहन गुनगुन के आईपैड पर समीर के लिखा एक नोट मिला. इसमें लिखा था- मैंने जनवरी में स्कूल के प्रोग्राम में साथ पढ़ने वाली एक छात्रा के साथ फोटो खींचा था. उस फोटो को फेसबुक पर लगाया था जिसको लेकर गली का रहने वाला एक लड़का मुझे ब्लैकमेल कर रहा है कि इस फोटो को लड़की के घर वालों को दिखाऊंगा. मैं परेशान होकर जान देने जा रहा हूं. इसमें लड़की की कोई गलती नहीं है. इस लड़के को कड़ी सजा दिलाई जाए.
आईपैड पर यह नोट देखकर घर वालों ने काकादेव पुलिस को सूचना दी इसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू की तो देर रात पता चला की पनकी के पास किसी लड़के ने सुसाइड किया है. उसकी बॉडी पोस्टमार्टम के लिए भेज दी गई थी. घर वाले पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहां बॉडी के हाथ में जले का निशान और कपड़े देखकर उन्होंने समीर की पहचान की. समीर के भाई वैभव का कहना है की समीर बहुत इमोशनल लड़का था, उसका किसी लड़की से कोई अफेयर नहीं था. साथ में पढ़ने के कारण उसने फोटो खींच कर लगा दी थी. घर वालों ने समीर के दोस्त से पूछताछ की तो उसने बताया कि सौर्य इस फोटो का स्क्रीनशॉट लेकर समीर को ब्लैकमेल कर रहा था. इसके बाद पुलिस ने शौर्य से पूछताछ की तो उसने सब कबूल कर लिया जिसका वीडियो पुलिस ने बनाया है.
इस मामले में पनकी थाने के इंचार्ज मनोज भदोरिया का कहना है की बॉडी का पोस्टमार्टम करा कर बॉडी घर वालों को दे दी गई है. अभी उन्होंने कोई एप्लीकेशन या शिकायत नहीं दी है. कोई शिकायत करेगा तो उसके अनुसार जांच करके होगी.
रंजय सिंह