कानपुर लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट केस में पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. हालांकि, आरोपी के वकील का कहना है कि एक्सीडेंट के टाइम गाड़ी शिवम नहीं चला रहा था. इसको लेकर जब 'आजतक' ने कमिश्नर रघुवीर लाल से बात की तो उन्होंने कहा कि आरोपी पक्ष का वकील कुछ भी बोले लेकिन पुलिस का स्टैंड क्लियर है कि गाड़ी शिवम मिश्रा ही चला रहा था. इसकी तस्दीक घटना के समय के वीडियो से भी हो रही है. एक्सीडेंट के ठीक बाद बाउंसर शिवम को गाड़ी से उतारकर गोद में उठाकर ले जाते दिख रहे हैं.
बकौल कानपुर पुलिस कमिश्नर- शिवम मिश्रा हॉस्पिटल में भर्ती है. पिता से सवाल पूछे गए हैं. उनका कहना है कि हम कोऑपरेट करेंगे. हादसे में सिर्फ 1 व्यक्ति घायल हुआ है, ज्यादा लोग इंजर्ड नहीं हैं. एक मोटरसाइकिल डैमेज हुई है, कोई बड़ा एक्सीडेंट नहीं हुआ है. आने वाले समय में चार्जशीट सबमिट की जाएगी, फिर कोर्ट केस आगे बढ़ाएगा.
वहीं, शिवम के पिता के मुताबिक, बेटा दिल्ली में भर्ती है. डॉक्टर से इलाज चल रहा है. कार ड्राइवर मोहन चल रहा था. उन्होंने कमिश्नर से बात की है. जांच में सहयोग की बात कही है. कैमरे पर ज्यादा कुछ बोलने से मना कर दिया.
उधर, यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कानपुर में बिजनेसमैन के बेटे द्वारा लैंबॉर्गिनी से पैदल चलने वालों को टक्कर मारने की घटना पर कहा- बहुत गलत घटना है. इस घटना की मैं घोर निंदा करता हूं. जो भी दोषी है उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस पर हमारी सरकार काम कर रही है.
मालूम हो कि कानपुर में अरबपति तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम ने अपनी लैंबॉर्गिनी से वीआईपी रोड पर जमकर कहर बरपाया. तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर ई-रिक्शा और बाइक सवारों से जा टकराई, जिससे कई लोग घायल हो गए. हादसे के बाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें सुरक्षा में तैनात बाउंसर आरोपी शिवम को गोद में उठाकर दूसरी कार से ले जाते दिख रहे हैं. पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को जब्त कर लिया है, लेकिन बाउंसरों की दबंगई और पुलिस के शुरुआती नरम रुख पर जनता में भारी नाराजगी है.
सिमर चावला / रंजय सिंह