यूपी के कानपुर में एलकेजी का एक छात्र शराब के ठेके के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया. पांच वर्षीय इस छात्र ने अपने स्कूल के बगल से ठेके को हटवाने के लिए कानूनी जंग लड़ी, जिसमें अब करीब 4 महीने बाद उसके हक में फैसला आया है. हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कानपुर के आबकारी विभाग को आदेश दिया है कि 31 मार्च 2025 के बाद स्कूल के बगल में स्थित शराब के ठेके का नवीनीकरण (रिन्यूअल) ना किया जाए.
दरअसल, कानपुर के आजाद नगर में रहने वाले एलकेजी के छात्र अर्थव दीक्षित ने हाईकोर्ट में अपने वकील आशुतोष शर्मा के द्वारा एक याचिका लगाई थी. इसमें अर्थव ने कहा कि मेरा घर और स्कूल पास-पास है. वहीं, बगल में एक देसी शराब का ठेका है. रोज आते-जाते उसके सामने से गुजरना पड़ता है, जहां शराब पीने वालों को भीड़ लगी रहती है और उनकी हरकतों से परेशानी होती है.
स्कूल में पढ़ाई करते समय भी शराब पीते लोगों की छवि छाई रहती है. चूंकि, ये रोज का काम है इसलिए इस ठेके को यहां से कहीं और शिफ्ट कर दिया जाए. जिससे बच्चों पर इसका गलत असर ना पड़े.
आबकारी विभाग ने नहीं लिया कोई एक्शन
हाईकोर्ट में याचिका से पहले छात्र अर्थव ने अपने पिता के द्वारा कानपुर के डीएम, आबकारी विभाग और यूपी के मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी इसकी शिकायत की थी. लेकिन तब आबकारी विभाग में यह तर्क देकर शराब का ठेका हटाने से इनकार कर दिया था कि ठेका पिछले 30 सालों से वहां पर चल रहा है जबकि छात्र का स्कूल 2019 में वहां पर खोला गया है.
इसके बाद छात्र ने अपने वकील के द्वारा हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की जिसको लेकर कई महीने से इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही थी. हाल ही में हाईकोर्ट ने आबकारी विभाग से इसको लेकर जवाब-तलब भी किया था.
छात्र के वकील आशुतोष शर्मा ने यह जानकारी दी है कि हाईकोर्ट ने याचिका पर फैसला देते हुए कानपुर आबकारी विभाग को आदेश दिया है कि अब इस ठेके का नवीनीकरण नहीं होगा. हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में यह भी कहा कि जब स्कूल के बगल में ठेका चल रहा था तो इसका हर साल नवीनीकरण कैसे हो रहा था, जबकि नियम है कि किसी भी मंदिर, अस्पताल और स्कूल के बगल में 50 मीटर के दायरे में कोई भी ठेका नहीं चलेगा. फिलहाल, 31 मार्च 2025 के बाद इस ठेके का कोई नवीनीकरण नहीं होगा. मतलब आने वाले समय में स्कूल के बगल से शराब का ये ठेका हट जाएगा.
रंजय सिंह