कानपुर में नाबालिग के अपहरण और गैंगरेप में दारोगा की भूमिका सामने आने के बाद भी पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटक रही है. ताजा स्थिति यह है कि लगातार दूसरे दिन भी मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता का बयान दर्ज नहीं हो सका है. इससे पीड़िता और उसके परिजन बेहद परेशान और मानसिक रूप से टूटे हुए नजर आए.
पीड़िता ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि घटना के दो दिन बीत जाने के बावजूद उसका बयान दर्ज नहीं किया गया है. उसने भावुक होते हुए कहा कि वह बेहद डरी हुई है और अब सिर्फ अपने घर जाना चाहती है.
दो दिन बाद भी दर्ज नहीं हुआ पीड़िता का बयान
पीड़िता के अनुसार, वह पिछले कई दिनों से थाने और कोर्ट के चक्कर काट रही है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो पा रही है. बता दें कि एक दरोगा के स्कॉर्पियो में एक यूट्यूबर और खुद दारोगा ने दो घंटे तक नाबालिग लड़की से हैवानियत की थी.
वहीं पीड़िता के भाई ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उसका कहना है कि पिछले तीन दिनों से उसकी बहन को घर नहीं जाने दिया जा रहा है. इतनी बड़ी और संवेदनशील घटना के बाद भी न तो बयान दर्ज हुए हैं और न ही बहन को मानसिक रूप से संभलने का मौका मिला है. भाई ने कहा कि उसकी बहन ने ठीक से कुछ खाया-पिया तक नहीं है और पूरा परिवार डर और तनाव के साये में जी रहा है.
पीड़िता के भाई ने यह भी आरोप लगाया कि उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं. उसने दावा किया कि आरोपी शिवबरन (यूट्यूबर) ने गिरफ्तारी से पहले उनके घर आकर धमकी दी थी कि अगर उसका नाम इस मामले में घसीटा गया तो अंजाम अच्छा नहीं होगा. परिवार का कहना है कि धमकियों के बावजूद सुरक्षा को लेकर उन्हें कोई ठोस भरोसा नहीं दिया गया है.
धमकी और लापरवाही के आरोप
इस मामले पर सफाई देते हुए डीसीपी वेस्ट कासिम आबिदी ने कहा कि पुलिस द्वारा पीड़िता को मजिस्ट्रेट के बयान के लिए कोर्ट में पेश किया गया था, लेकिन कुछ कारणवश बयान दर्ज नहीं हो पाया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी शिवबरन की पुलिस को रिमांड मिल चुकी है.
उधर, आरोपी शिवबरन यादव ने कोर्ट में पेशी के दौरान मीडिया से खुद को निर्दोष बताया. गौरतलब है कि गैंगरेप के इस मामले में भीमसेन चौकी प्रभारी दारोगा अमित मौर्या ने अपने कार्यक्षेत्र में ही काली स्कॉर्पियो कार में नाबालिग के साथ दो घंटे तक दुष्कर्म किया. इस घटना में यूट्यूब पत्रकार शिवबरन के शामिल होने का भी आरोप है. मामले के सामने आने के बाद पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि दोषी पुलिसकर्मी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.
aajtak.in