पढ़े-लिखे लोग भी इतने नासमझ हो जाते हैं कि जिस जिले में रहते हैं, उसे जिला का DM यानी जिलाधिकारी बनने का दावा करके कोई चालबाज बड़ी आसानी से शादी के नाम पर उनसे लाखों रुपये ठग लेता है. कानपुर में एक लड़की से उसके दोस्त के मित्र ने पहले शादी की बात चलाई, फिर खुद को आईएएस में सिलेक्शन होने का फर्जी लेटर भेजकर विश्वास जता दिया. इससे बड़ी बात तब हुई जब उसने कानपुर में ही डीएम की पोस्ट पर तैनात होने का दावा करके होने वाली पत्नी से 71 लाख रुपये की ठगी कर ली.
शातिर लड़के ने लड़की को समझाया, ''इंटरव्यू के लिए पैसा देना है, देने के बाद कानपुर में डीएम पोस्ट हो जाऊंगा, फिर सारा पैसा लौटा दूंगा.''
हैरानी इस बात की है कि लड़की और उसके घरवाले कानपुर में ही रहते हैं, इसके बावजूद उन्हें उसके कानपुर डीएम होने के फर्जी दावे का एहसास नहीं हुआ. लड़की ने अपना जेवर, घर में रखी चांदी और पैसा सब उसको दे दिया. अब लड़की ने आरोपी युवक और उसके परिवार वालों पर थाने में शिकायत की है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
दरअसल, कानपुर के कल्याणपुर में रहने वाली एक युवती के रिश्तेदार उन्नाव के शुक्लागंज में रहते हैं. उनका युवती के घर में आना-जाना था. इसी दौरान इस रिश्तेदार दिवाकर मिश्र का एक परिचित चकेरी निवासी नीतीश पांडे भी युवती से परिचित हो गया.
इस दौरान नीतीश पांडे ने एक दिन बताया कि उसका आईएएस में सिलेक्शन हो गया है, जिसका लेटर भी उसने लड़की के घरवालों को दिखाया.
नीतीश ने कहा, ''अब वह जल्दी शादी करने जा रहा है.'' इस पर लड़की ने खुद ही उससे शादी का प्रस्ताव रख दिया. जिसके बाद एक दिन नीतीश ने अपना ईमेल पर आया एक मैसेज दिखाते हुए बताया, ''मुझे SDM कानपुर में पोस्ट किया गया है. इस दौरान 6 महीने की ट्रेनिंग होगी, उसके बाद मुझे कानपुर में डीएम की पोस्ट मिल जाएगी.''
एक हफ्ते बाद नीतीश ने लड़की से कहा, ''ठीक है, मैं तुमसे शादी करने को तैयार हूं.''
नीतीश ने शादी की बात अपने घरवालों से भी लड़की के माध्यम से करवा दी. जिसके बाद उसके भैया-भाभी भी तैयार हो गए और शादी की तैयारी शुरू हो गई.
एक दिन नीतीश ने लड़की से कहा, ''मुझे डीएम की पोस्ट कानपुर में मिल रही है, लेकिन मुझे डीएम के इंटरव्यू के लिए कुछ पैसे की सख्त जरूरत पड़ रही है, जो मुझे इंटरव्यू से पहले देने हैं.''
लड़की के घरवालों को भी लगा कि चलो लड़का डीएम बनने जा रहा है, इससे बड़ी बात क्या होगी. लड़की ने सबसे पहले साढ़े तीन लाख रुपये उसे दिए.
इसके बाद धीरे-धीरे करके उसने घर के सोने के जेवर और चांदी बेचकर 6 महीने में उसे 71 लाख रुपये दे दिए. लेकिन इस दौरान न तो नीतीश कभी कोई सरकारी गाड़ी से घर आया, न उसकी डीएम पर पोस्टिंग हुई, न उसके रहन-सहन में कुछ अधिकारी जैसा नजर आया.
इस पर धीरे-धीरे लड़की गुस्सा होने लगी. एक दिन उसने कहा, ''चलो तुम अपने ऑफिस में मुझे ले चलो जहां तुम्हें SDM की ट्रेनिंग दी जा रही है.''
इस पर नीतीश ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा के नाम से एक लेटर वॉट्सएप पर भेजा- ''देखो, प्रमुख सचिव ने मुझे कानपुर डीएम के पद पर ज्वाइन करने के लिए लेटर भेजा है.'' लेकिन नीतीश ने लड़की को वहां ले जाने की जगह उसी दिन अपना फोन स्विच ऑफ कर दिया.
अब इन लोगों को लग गया कि नीतीश ने शादी के नाम पर पैसा ठग लिया है. नीतीश के घर भी ये लोग गए, लेकिन वहां न उसके भैया-भाभी न नीतीश कोई मिला. फोन पर भी उन्होंने बात नहीं की.
नीतीश ने लड़की को धमकी देते हुए कहा, ''तुम्हारे कुछ अश्लील फोटो मेरे पास हैं, पहले उनको देखो, फिर मैं तुम्हारे पिता को भेजता हूं, इसके बाद तुम मुझसे बात करना.''
लड़की ने अब कल्याणपुर थाने में नीतीश के खिलाफ और उसके भैया-भाभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है. लड़की ने अपने रिश्तेदार दिवाकर मिश्र पर भी रिपोर्ट दर्ज कराई है. एसीपी रंजीत कुमार का कहना है कि नीतीश के फर्जी ईमेल, सर्टिफिकेट जिसमें उसने खुद को आईएएस में सिलेक्शन होने का जिक्र किया था और कई तरह के कागज मिले हैं, इन सब की जांच की जा रही है. रिपोर्ट दर्ज हो गई है, आगे की कार्रवाई की जा रही है.
इस मामले में युवती का कहना है, ''मैं पहले ही बहुत परेशान हूं, सारा पैसा चला गया, घर में जेवर भी चले गए. हमने रिपोर्ट दर्ज कर दी है, अब कानून अपनी जांच करेगा, इससे ज्यादा मुझे कुछ नहीं कहना.'' लड़की का कहना है कि पहले नीतीश ने खुद को एक बैंक में फिर डॉक्टर बताकर परिचय बढ़ाया था, बाद में खुद को UPSC में सिलेक्ट होकर IAS बनने का दावा किया.
रंजय सिंह