UP: संभल कोर्ट के जज का ट्रांसफर, ASP अनुज चौधरी पर FIR का दिया था आदेश

उत्तर प्रदेश के संभल हिंसा मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. हिंसा के दौरान घायल युवक आलम के पिता यमन की याचिका पर सुनवाई करते हुए एएसपी अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर समेत 15–20 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश देने वाले सीजेएम विभांशु सुधीर का तबादला कर दिया गया है. उनका स्थानांतरण संभल से सुल्तानपुर किया गया.

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अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर समेत 15–20 पुलिसकर्मियों पर FIR का आदेश था. (Photo: ITG) अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर समेत 15–20 पुलिसकर्मियों पर FIR का आदेश था. (Photo: ITG)

अभिनव माथुर

  • संभल,
  • 20 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:34 PM IST

उत्तर प्रदेश के संभल हिंसा मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. एएसपी अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज तोमर समेत 15 से 20 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश देने वाले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर का तबादला कर दिया गया है. उनका स्थानांतरण संभल से सुल्तानपुर किया गया है.

दरअसल, संभल में हुई हिंसा के दौरान घायल हुए युवक आलम के पिता यमन की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए CJM विभांशु सुधीर ने अहम आदेश दिया था. उन्होंने एएसपी अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित 15 से 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे. अदालत का यह आदेश संभल हिंसा प्रकरण में पुलिस की भूमिका को लेकर बेहद अहम माना जा रहा था.

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SP ने कहा था, नहीं दर्ज करेंगे FIR
इस आदेश के बाद जिले में हलचल तेज हो गई थी. संभल जिले के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने अदालत के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि पुलिस इस आदेश के तहत मुकदमा दर्ज नहीं करेगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि अदालत के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी और इसके खिलाफ अपील दायर की जाएगी.

अब CJM विभांशु सुधीर के तबादले के बाद इस पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है. उनके स्थानांतरण को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इसे नियमित तबादला प्रक्रिया बताया जा रहा है, लेकिन समय और परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला सवालों के घेरे में भी आ रहा है.

अब आगे क्या होगा?
संभल हिंसा मामला पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है और अदालत के आदेश तथा पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला और अधिक तूल पकड़ चुका है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस द्वारा अदालत के आदेश के खिलाफ दायर की जाने वाली अपील पर आगे क्या रुख अपनाया जाता है और घायल युवक के परिजनों को न्याय की प्रक्रिया में क्या अगला कदम मिलता है.

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