उत्तर प्रदेश के बागपत से साइबर ठगी का ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसने पूरे देश में फैले ऑनलाइन फ्रॉड के जाल की परतें खोल दी हैं. यह कोई मामूली गिरोह नहीं, बल्कि एक सुनियोजित नेटवर्क था. यह शातिर गिरोह Instagram और Facebook पर कपड़ों के आकर्षक विज्ञापन डालता था. सस्ते और ब्रांडेड कपड़ों का लालच देकर लोगों को क्लिक करने पर मजबूर किया जाता. जैसे ही कोई ग्राहक इनके झांसे में आता उसे पेमेंट, ऑफर या ऑर्डर कन्फर्मेशन के नाम पर ठग लिया जाता. इस गिरोह में ज्यादातर 12 वीं पास लड़के शामिल हैं.
इसमें सोशल मीडिया पर सस्ते दाम और शानदार ऑफर दिखाकर लोगों को झांसे में लिया जाता, और जैसे ही ग्राहक ऑर्डर या पेमेंट करता- उसका पैसा गायब. इतना ही नहीं, ठग ऑनलाइन गेमिंग, स्क्रीन शेयरिंग और फर्जी लिंक के जरिए भी लोगों के बैंक अकाउंट तक पहुंच बना लेते थे और देखते ही देखते खाते खाली कर देते थे.
पुलिस जांच में सामने आया कि इस गैंग ने एक कमरे में पूरा फर्जी कॉल सेंटर बना रखा था. यहीं से बैठकर ये शातिर देशभर में कॉलिंग करते थे. पहले व्हाट्सएप के जरिए संपर्क फिर VPN के माध्यम से विदेशी नंबरों का इस्तेमाल कर कॉल करके लोगों को भरोसे में लिया जाता था और फिर दिया जाता था ठगी को अंजाम. वहीं गिरफ्तार किए गए सभी 10 आरोपी हावडा (कोलकाता) के रहने वाले हैं. चौंकाने वाली बात ये है कि इनमें से अधिकतर सिर्फ 12वीं पास हैं, लेकिन साइबर ठगी के इतने शातिर तरीके अपनाते थे कि बड़े-बड़े लोग भी इनके जाल में फंस जाते थे.
बागपत एसपी सूरज कुमार राय के मुताबिक, यह गिरोह अब तक 4 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुका है. देश का शायद ही कोई राज्य बचा हो जहां इन्होंने शिकार न किया हो. इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब बागपत के सरूरपुर गांव के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस ने टीम बनाकर इस गैंग का भंडाफोड़ किया.
पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए हैं जिनमे 19 मोबाइल फोन, 8 लैपटॉप,21 एटीएम कार्ड कई कंपनियों के वाईफाई डिवाइस, हेडफोन और अन्य डिजिटल उपकरण अहम दस्तावेज है. ये सभी सामान इस बात का सबूत हैं कि ठगी का नेटवर्क कितना संगठित और प्रोफेशनल था. इस बड़े खुलासे के बाद एसपी सूरज राय ने पूरी टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. बागपत के सरूरपुर गांव के एक शख्स ने शिकायत दर्ज कराई थी जिसके चलते ये गिरोह पकड़ा गया. ये लोग अभी तक 4 करोड़ से ज़्यादा की ठगी कर चुके हैं.
मनुदेव उपाध्याय