उत्तर प्रदेश के संभल में अलविदा जुम्मा और ईद-उल-फितर के मौके पर ईरान के समर्थन में संभावित विरोध प्रदर्शन की आशंका के बीच पुलिस प्रशासन सख्त नजर आया. शांति समिति की बैठक में क्षेत्राधिकारी (सीओ) कुलदीप कुमार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर किसी ने ईरान-इजरायल विवाद को लेकर जिले की कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जो लोग ईरान के समर्थन में ज्यादा भावनाएं दिखा रहे हैं, वे वहां जाकर अपनी बात रखें, लेकिन भारत में माहौल खराब करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी. सीओ ने कहा, 'ईरान के लिए छाती पीटने वालों का बढ़िया इलाज करूंगा.' बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार और इंस्पेक्टर कोतवाली गजेंद्र सिंह भी मौजूद रहे.
नारेबाजी, काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन पर रोक
बैठक के दौरान सीओ ने कहा कि अलविदा जुम्मा की नमाज के दौरान किसी भी देश के समर्थन या विरोध में नारेबाजी, काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन या माहौल बिगाड़ने की कोशिश बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी ने इस तरह की गतिविधि की, तो पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी.
नमाज केवल मस्जिदों के भीतर ही पढ़ी जाएगी
सड़कों पर नमाज को लेकर भी प्रशासन ने दो टूक रुख अपनाया. सीओ ने कहा कि नमाज केवल मस्जिदों के भीतर ही अता की जाए और किसी भी सार्वजनिक स्थान या सड़क पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी. अगर कोई व्यक्ति सड़क पर नमाज पढ़ता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जा सकता है.
सोशल मीडिया पर रील बनाने पर भी होगी कार्रवाई
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने या रील बनाने के लिए अगर कोई व्यक्ति कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने लोगों से अपील की कि त्योहार को शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाएं और किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे में न आएं.
अभिनव माथुर