उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के एम्स थानाक्षेत्र में गुरुवार देर शाम कुशीनगर निवासी शख्स की पेड़ से लटकती लाश मिलने से सनसनी फैल गई. मरने से पहले उसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने पत्नी के उत्पीड़न से आहत होकर खुदकशी करने का जिक्र किया है. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है.
कुशीनगर जिले के कसया थानाक्षेत्र का वेलवा पलकधारी गांव निवासी 33 साल का प्रद्युम्न कुमार यादव मध्यप्रदेश में एक निजी कम्पनी में इंजीनियर था. उसने एम्स थानाक्षेत्र के बुढ़िया 'माता मंदिर के नाला पार एक पेड़ पर गमछे के सहारे फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली. आत्यहत्या से पहले छोड़े एक वीडियो में प्रद्युम्न ने आत्महत्या का सारा कारण बताया. उसने वह फंदा भी दिखाया, जिससे लटककर उसने खुदकुशी की है.
मरने का समय नहीं है लेकिन...
वीडियो में उसने कहा- मेरे मरने का समय नहीं, पर पत्नी के अत्याचार से जीने की इच्छा भी नहीं है. इसलिए मुझे कोई यह न कहे कि मैं बेसमय मर गया. बड़े भाई, तुम मां-बाप को एहसास न होने देना कि उसका एक बेटा नहीं है. हर मां-बाप की उम्मीद होती है कि बेटा बुढ़ापे का सहारा बने लेकिन पत्नी के दिए दु:ख के आगे मैं उनका दु:ख भूल गया. अब यही एक आखिरी रास्ता है.
उसने आगे कहा - मैं हार गया जिंदगी से. इसकी वजह कोई और नहीं बल्कि मेरी पत्नी है जिसने कभी नई जिंदगी की शुरुआत के लिए हाथ थामा था. उसने दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया और फिर मैं वह टूटता चला गया. इस कदर टूटा कि मैंने अपनी जिंदगी ही खत्म कर ली. प्रद्युम्न का ये वीडियो परिचितों ने सोशल मीडिया पर देखा तो पुलिस को सूचना दी.
पत्नी ने लगाया था दहेज उत्पीड़न का आरोप
बता दें कि 2 जून 2017 को प्रद्युन्न की शादी कुशीनगर के तुर्कपट्टी थाना के सोहाग गांव की अर्पिता यादव पुत्री हरिशंकर से हुई थी. शादी के बाद पत्नी करीब तीन महीने ससुराल में रही, उसके बाद अधिकतर समय पति के साथ हरियाणा में रही. साल 2020 में दोनों के बीच विवाद हुआ और मामला कोर्ट में पहुंच गया. दोनों की पांच साल की एक बेटी है, जो मां के साथ रहती है
प्रद्युम्न की पत्नी अर्पिता ने विवाद में दहेज उत्पीड़न और भरण-पोषण से संबंधित मुकदमा किया था. पारिवारिक न्यायालय पडरौना में ये केस विचाराधीन है. इस मामले में 12 मई को तारीख लगी थी, लेकिन उस दिन फैसला नहीं हो पाया, अगली सुनवाई 21 जुलाई को थी. ऐसे में प्रद्युम्न को बार-बार छुट्टी लेकर आने में दिक्कत हो रही थी, जिससे वह परेशानी में था.
गजेंद्र त्रिपाठी