MP: दोस्त को बनाना चाहता है युवती, युवक को मानता है पिछले जन्म की प्रेमिका

राजधानी भोपाल में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. साथ पढ़ने वाले दो दोस्तों में से एक अपने दोस्त को पिछले जन्म की प्रेमिका मानता है. लिहाजा, वह उसे युवती बनाना चाहता है. युवक हार्मोन चेंजेज करने के लिए दवाइयां भी ले रहा है. इससे पीड़ित युवक के परिजन काफी परेशान हैं और कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं.

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

इज़हार हसन खान

  • भोपाल,
  • 02 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 7:14 PM IST

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जेंडर डायसोफोरिया का एक अनोखा मामला सामने आया है. 20 साल का एक जेंडर चेंजकर युवती बनना चाहता है. इसके लिए वह बाकायदा हार्मोन चेंज की दवाइयां भी ले रहा है. वहीं, वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष ने युवक के पिता को विधिक सहायता केंद्र जाने की सलाह दी है. 

जानकारी के मुताबिक, साथ पढ़ने वाले दो दोस्तों में से एक दोस्त अपने दोस्त को अपने जन्म की प्रेमिका मानता है. उसने लड़की बनाने के लिए दोस्त को हार्मोनल थेरेपी लेने की सलाह दी. इसके बाद दूसरा लड़का (दोस्त) हार्मोन थेरेपी के रूप में हार्मोन चेंज करने के दवाएं लेने लगा.

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गर्लफ्रेंड बनने के लिए बनना चाहता है युवती

इससे युवक के व्यवहार में परिवर्तन आने लगा. इसके बाद परिवार के लोगों को शंका हुई. फिर युवक के कमरे की तलाशी ली गई, तो उसमें कुछ ऐसी दवाइयां मिली, जिससे हार्मोनल चेंज होते हैं. लड़के से पूछताछ में पता चला कि वह अपने एक दोस्त से प्रेम करता है और उसकी गर्लफ्रेंड बनने के लिए युवती बनना चाहता है.

इसके चलते ही वह हार्मोन चेंज करने वाली दवाइयां खा रहा है. काफी समझाने के बाद भी जब युवक नहीं माना, तो युवक के पिता ने पुरुषों को पारिवारिक मामलों में विधिक सहायता देने वाला संगठन भाई वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष जकी अहमद को आप बीती सुनाई.

फरियादी पक्ष कोर्ट जाने शरण में जाने की कर रहा है तैयारी

जकी अहमद ने युवक के पिता को विधिक सहायता केंद्र जाने की सलाह दी है. वहीं, परिजन ने युवक के दोस्त के परिवार से इसकी शिकायत की, तो वे लोग इन पर दोष मढ़ने लगे. अब फरियादी पक्ष न्यायालय की शरण में जाने की तैयारी कर रहा है.

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वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष जकी अहमद ने 'आजतक' को बताया कि युवक के पिता ने अपने बेटे की स्थिति के बारे में बताया था. इसके बाद मैंने उनसे कहा कि इसमें कोई क्रिमिनल ऑफेन्स नहीं हो रहा है. आप जिला विधिक सहायता केंद्र में जाकर बात कर सकते हैं. ऐसे मामलों में हम लोग व्यक्ति, उसके परिवार और उसकी जगह की पहचान का खुलासा नहीं करते हैं.

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