उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान शनिवार को गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी पहुंचीं, जहां एक ही परिवार की तीन बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी. यह घटना सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी. महिला आयोग अध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और पीड़ित परिवार से मुलाकात की.
उन्होंने परिजनों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और इस दुखद समय में उन्हें सांत्वना दी. परिवार से बातचीत के दौरान बच्चियों की दिनचर्या, उनकी आदतों और पारिवारिक माहौल को लेकर भी जानकारी जुटाई गई.
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प्रारंभिक जांच में माता-पिता की लापरवाही
मीडिया से बातचीत में बबीता सिंह चौहान ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है. शुरुआती तथ्यों में माता-पिता की लापरवाही साफ तौर पर सामने आती है. उन्होंने बताया कि तीनों बच्चियां कोरियन कल्चर और ऑनलाइन गेमिंग की अत्यधिक आदी हो चुकी थीं.
महिला आयोग अध्यक्ष के अनुसार, डिजिटल कंटेंट और ऑनलाइन गेम्स का बच्चियों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा. यही वजह रही कि तीनों ने मिलकर इतना बड़ा और खतरनाक कदम उठा लिया. उन्होंने कहा कि यह घटना किसी एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है.
डिजिटल लत पर नियंत्रण की जरूरत
बबीता सिंह चौहान ने कहा कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी न होना भविष्य में और भी गंभीर परिणाम ला सकता है. अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल और डिजिटल कंटेंट पर ध्यान दें.
उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है. पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि पांचवीं कक्षा से कम उम्र के बच्चों को ऑनलाइन होमवर्क न दिया जाए, ताकि छोटे बच्चे मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म की लत से दूर रह सकें.
महिला आयोग की निगरानी और पुलिस जांच
महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि आयोग इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है. प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
उधर, भारत सिटी सोसाइटी में हुई इस ट्रिपल सुसाइड की घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और बच्चियों के आत्मघाती कदम के पीछे की वजहों को समझने की कोशिश में जुटी है.
मयंक गौड़