'गुटखा खाकर इलाज कर रहे हैं डॉक्टर...' इंजेक्शन लगवाने से इंकार, अस्पताल में मरीज ने बुलाई पुलिस

इटावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब बंदर के काटने के बाद एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे एक यात्री और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर के बीच कहासुनी हो गई. मरीज ने डॉक्टर पर ड्यूटी के दौरान तंबाकू खाकर थूकने का आरोप लगाया, जबकि डॉक्टर ने इन आरोपों को खारिज किया.

Advertisement
 अस्पताल में मरीज ने बुलाई पुलिस (Photo: itg) अस्पताल में मरीज ने बुलाई पुलिस (Photo: itg)

अमित तिवारी

  • इटावा,
  • 09 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:15 AM IST

उत्तर प्रदेश के इटावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार को उस समय अजीबोगरीब स्थिति बन गई जब बंदर के काटने के बाद इलाज कराने पहुंचे एक युवक और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा और करीब आधे घंटे तक इमरजेंसी वार्ड में हंगामा चलता रहा.

Advertisement

बंदर ने काटा तो युवक पहुंचा अस्पताल

जानकारी के अनुसार राजस्थान के सीकर जिले के खाटूश्याम निवासी अशोक मीणा किसी निजी काम से लखनऊ गए हुए थे. वहां से लौटते समय वह इटावा रेलवे स्टेशन जंक्शन पर उतरे थे, जहां से उन्हें शाम करीब सवा चार बजे राजस्थान जाने वाली दूसरी ट्रेन पकड़नी थी. इसी दौरान स्टेशन के बाहर सामान खरीदने के लिए जाते समय एक बंदर ने उनके बाएं हाथ पर काट लिया.

तंबाकू खाकर बार-बार थूक रहे थे डॉक्टर

घटना के बाद अशोक मीणा दोपहर करीब तीन बजे इटावा के जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे और एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने की मांग की. उनका आरोप है कि इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर राहुल बाबू तंबाकू खाकर बार-बार थूक रहे थे, जो उन्हें नागवार गुजरा. इसी बात को लेकर उन्होंने डॉक्टर से आपत्ति जताई.

Advertisement

डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाने से किया इनकार

अशोक मीणा का कहना है कि जब उन्होंने डॉक्टर को ड्यूटी के दौरान तंबाकू खाने से मना किया तो डॉक्टर ने नाराज होकर इंजेक्शन लगाने से इनकार कर दिया और कहा कि जो करना है कर लो. इस पर दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई. मामला बढ़ने पर अशोक मीणा ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को बुला लिया.

'ये जहर का इंजेक्शन भी लगा सकते हैं'

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को शांत कराने की कोशिश की. पुलिस ने मरीज को इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी, लेकिन अशोक मीणा ने यह कहते हुए इंजेक्शन लगवाने से मना कर दिया कि डॉक्टर उसे जहर का इंजेक्शन भी लगा सकते हैं. इसके बाद वह पुलिसकर्मियों से भी उलझ गया और दोबारा डायल 112 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा दी. करीब आधे घंटे तक अस्पताल की इमरजेंसी में यह हाईवोल्टेज हंगामा चलता रहा, जिससे वहां इलाज कराने आए अन्य मरीजों और तीमारदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.  

 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement