बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने UGC और अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफा देने के बाद उन्होंने सरकार और यूपी की ब्यूरोक्रेसी पर गंभीर सवाल उठाए हैं. अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार जैसी चाहती है, ब्यूरोक्रेसी उसका वैसा ही रूप दिखाती है. उन्होंने कहा, 'जिला अधिकारी महोदय एक बाबा के घर जाकर रोटी सेकते हैं, जहां रोल्स-रॉयस और फेरारी जैसी गाड़ियां थीं.' अग्निहोत्री ने सवाल उठाया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के साथ अमानवीय व्यवहार क्यों किया गया?
'आपकी पार्टी और RSS को ब्राह्मणों ने सींचा है'
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा, आपने ब्राह्मण का अपमान किया, जो तन-मन-धन से देश की सेवा करता है. आपकी पार्टी और RSS को ब्राह्मणों ने ही सींचा है. मंत्री या अधिकारियों पर किसी दबाव से इंकार करते हुए उन्होंने कहा, ब्राह्मण जनप्रतिनिधि आवाज नहीं उठाएंगे तो किसी को उठानी पड़ेगी. इससे हमारा पूरा परिवार और समाज प्रभावित हो रहा है.
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा, 'मुझ पर किसी तरीके का कोई दबाव नहीं है. ब्राह्मण जनप्रतिनिधि अगर आवाज नहीं उठाएंगे किसी को उठानी पड़ेगी, इससे हमारा पूरा परिवार और पूरा समाज प्रभावित हो रहा है.'
ब्राह्मण विरोधी विचारधारा की ओर इशारा
अग्निहोत्री ने ब्राह्मण विरोधी विचारधारा की ओर सरकार की नीतियों की ओर भी इशारा किया. उन्होंने कहा कि 2022 से इस तरह के दृष्टिकोण प्रदेश में बढ़ रहे हैं, और वृद्ध संत शंकराचार्य के साथ की गई हाथ-चप्पल की मार को वे स्वीकार नहीं कर सकते. उनका कहना था, आप भगवान, बजरंगबली और सनातन धर्म को पूजते हैं, लेकिन उनके अपने ही संत के साथ ऐसा व्यवहार कैसे कर सकते हैं. बरेली सिटी में यह इस्तीफा और बयान राजनीतिक और सामाजिक हलचलों को बढ़ा सकता है.
'सनातन धर्म को सिखाने वाला ब्राह्मण है'
अग्निहोत्री ने कहा, 'आप देख रहे हैं कि 2022 से उत्तर प्रदेश सरकार की ब्राह्मण विरोधी विचारधारा को. आप देखिए, जिस तरीके से शंकराचार्य को और उनके वृद्ध संत को हाथ-चप्पल से पीटा गया, मुझे समझ में नहीं आता यह किस तरीके की विचारधारा है. आप भगवान को पूजते हैं, बजरंगबली को पूजते हैं, सनातन धर्म को सिखाने वाला ब्राह्मण है, उसके साथ आप ऐसा कैसे कर सकते हैं?'
कृष्ण गोपाल राज