पति के फोन पर आया 'मृत' पत्नी का OTP और... बस्ती का वो मर्डर केस, जिसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए

ये चौंका देने वाली कहानी यूपी के बस्ती जिले की है. यहां दो साल पहले एक महिला के पति ने केस दर्ज कराया कि उसकी पत्नी की हत्या कर दी गई है. पुलिस तफ्तीश शुरू करती है. करीब दो साल बाद पति के फोन पर एक ओटीपी आता है, जो पत्नी के आधार कार्ड अपडेट से जुड़ा था. इसी OTP ने पूरा राज खोल दिया.

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दो साल बाद जिंदा मिली पत्नी, ओटीपी से खुला राज. (Photo: ITG) दो साल बाद जिंदा मिली पत्नी, ओटीपी से खुला राज. (Photo: ITG)

संतोष सिंह

  • बस्ती,
  • 11 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:51 AM IST

यूपी के बस्ती में बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. पुलिस अफसर उस वक्त सन्न रह गए, जब दो साल पहले मृत घोषित हो चुकी महिला अचानक थाने पहुंच गई. इस महिला के पति ने कप्तानगंज थाने में पत्नी की हत्या का केस दर्ज कराया था, जिसकी विवेचना पुलिस बीते दो साल से कर रही थी. पुलिस को अंदाजा नहीं था कि जिस महिला की हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है, वह असल में जिंदा है. यह महिला एक शख्स के साथ दूसरे राज्य में रह रही है.

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इस कहानी का खुलासा तब हुआ, जब महिला अपना आधार कार्ड बनवाने सेंटर पर पहुंची. आधार में बदलाव कराते समय OTP पति के पास पहुंचा, वैसे ही पति चौंक गया. उसने ये बात तुंरत पुलिस से बताई. इसके बाद पुलिस एक्टिव हुई और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से बस्ती पुलिस राजस्थान जा पहुंची, वहां महिला को बरामद कर लिया और बस्ती ले आई. यहां पति अपनी पत्नी और बच्चों देखकर भावुक हो गया.

पिता ने अपने बच्चे को पुचकारा, लेकिन बच्चा अब उसे अपना पिता मानने को नहीं तैयार है. पिता बच्चे को अपनाने की जिद करता रहा, मगर पत्नी को साथ रखने से साफ इनकार कर दिया. महिला प्रियंका का पति दो साल तक परेशान रहा. एक ओटीपी ने महिला के राज से पर्दा हटा दिया.

दरअसल, ये कहानी कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पिलखाव गांव की रहने वाली प्रियंका की है. बस्ती के रहने वाले संदीप के साथ 14 मई 2017 को प्रियंका की शादी हुई थी. सात साल तक सब ठीक रहा. दोनों के एक बेटा भी हुआ, मगर अचानक रिश्तों में अनबन शुरू हो गई.

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आरोप है कि 1 जुलाई 2024 को प्रियंका नाराज होकर ससुराल से जेवरात लेकर अपने मायके आ गई. कुछ ही घंटे में वह अपने बच्चे को लेकर मायके से आत्महत्या के इरादे से अयोध्या निकल गई. इससे पहले वह सुसाइड करती, राजस्थान से अयोध्या दर्शन करने आए मंगलचंद्र ने उसे बचा लिया. प्रियंका ने जान देने का इरादा छोड़कर नए जीवन की शुरूआत का रास्ता चुना. प्रियंका मंगलचंद्र के साथ राजस्थान चली गई. वहां दोनों पति-पत्नी की तरह रहने लगे.

वहीं पत्नी के लापता होने के बाद पति संदीप परेशान हो गया. उसे लगा कि उसके ससुरालवालों ने जेवर के चक्कर में उसकी पत्नी की और उसके बच्चे की हत्या कर लाश नदी में फेंक दी है. उसने शिकायत पुलिस से की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो संदीप ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट के आदेश पर 4 नवंबर 2024 को कप्तानगंज थाने में प्रियंका के पिता दयाराम, मां सुभावती देवी, चाचा की लड़की और एक अन्य ग्रामीण अशोक कुमार मौर्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया. ये सभी चार लोग पुलिस की नजर में आरोपी बन चुके थे.

धीरे-धीरे समय बीतता गया. एक दिन पति संदीप के मोबाइल पर एक OTP ने प्रियंका की पूरी मिस्ट्री को सुलझा दिया. प्रियंका अपने आधार कार्ड पर पता और फोटो बदलवाने पहुंची थी. जैसे ही आधार अपडेट हुआ, एक OTP संदीप के मोबाइल पर पहुंचा, जिसे देख वह चौंक गया और पूरी बात पुलिस को बताई.

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पुलिस के हाथ एक बड़ा सुराग लग चुका था. वह तुरंत राजस्थान के उसी आधार सेंटर पर जा पहुंची, जिसके बाद प्रियंका के पते की जानकारी हुई और पुलिस ढूंढ़ते हुए उसके घर जा पहुंची और वहां प्रियंका मिल गई. पुलिस उसे लेकर बस्ती आ गई. यहां पति और पिता उसे देख बेहद भावुक हो गए. एक दूसरे को गले लगा लिया.

एएसपी श्यामकांत ने बताया कि वर्ष 2024 में कप्तानगंज थाने में एक महिला की हत्या की एफआईआर दर्ज हुई थी. इस मामले की जांच हो रही थी, तभी महिला प्रियंका जिंदा मिल गई. अभी पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है. हत्या का केस कोर्ट के आदेश से दर्ज हुआ था. इस मामले में महिला का कोर्ट में बयान हो चुका है. महिला के बच्चे को लेकर उसके पहले पति ने पुलिस से सौंपने को कहा है, जिस पर सभी पक्षों से बात की जा रही है.

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