यूपी के गाजीपुर में हुए बस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई. आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हैं. ये सभी मऊ जिले से बारात लेकर गाजीपुर के मरदह ब्लॉक के महाहर धाम जा रहे थे. लेकिन रास्ते में बारातियों की बस हाईटेंशन तार की चपेट में आ गई, जिससे बस में आग लग गई और इतना बड़ा हादसा हो गया. जिस वक्त बस में आग लगी उसमें दुल्हन भी सवार थी. गनीमत रही कि अपनी मां के चलते वो बाल-बाल बच गई. उसने रोते हुए आंखों देखी बताई है. आइए जानते हैं पूरी कहानी...
दरअसल, पूरी घटना कल (11 मार्च) दोपहर की है. मऊ के थाना रानीपुर क्षेत्र के नंदू सरोज की बेटी खुशबू की शादी गाजीपुर के माधवपुर के रहने वाले रामायन सरोज के बेटे तेज बहादुर सरोज से तय थी. यह शादी गाजीपुर मरदह ब्लॉक के महाहर धाम स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर में होनी थी. यहीं पर दोनों पक्षों को एकत्रित होना था.
ऐसे में मऊ से दुल्हन पक्ष के लोग बस में सवार होकर महाहर धाम के लिए रवाना हुए थे. बाराती अभी मंदिर पहुंचने ही वाले थे कि बस के हाइटेंशन तार की जद में आने से हादसा हो गया. बस में तेजी से आग फैलने लगी. लोग जान बचाकर भागने लगे. मौके पर भगदड़ मच गई. इस बीच दुल्हन खुशबू की मां ने उसे धक्का देकर बस से बाहर कर दिया.
बस में फंसी मां को बचाने दौड़ी दुल्हन
हादसे के बारे में बात करते हुए खुशबू ने 'आज तक' से कहा- जब मेरी मां ने मुझे धक्का दिया तो मैं बस के बाहर कूद गई. लेकिन पलटकर देखा तो मां खुद आग की लपटों में फंस गई थी. इसपर मैंने मां का पैर पकड़कर उन्हें बाहर घसीटा. तब तक वो काफी झुलस चुकी थीं. हर तरफ चीख-पुकार मची थी. आग तेजी से बस में फैल रही थी. ड्राइवर की मौत हो चुकी थी. मां की वजह से मैं बच गई.
हादसे के बाद सिर्फ सिंदूरदान कर हुई विदाई
इस भीषण हादसे के बाद दोनों पक्षों की रजामंदी से सिर्फ सिंदूरदान कर दुल्हन की विदाई कराई गई. रस्म पूरी कर दुल्हन खुशबू और दूल्हा तेज बहादुर सीधे अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों का हाल जाना. इस हादसे में खुशबू के पिता बच गए क्योंकि वो बस के बजाय बाइक से बारात स्थल जा रहे थे.
गाजीपुर बस हादसे का सीएम योगी ने संज्ञान लिया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 50-50 रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. साथ ही अधिकारियों को आदेश दिया कि घायलों का इलाज निशुल्क किया जाए. इस घटना से वर और वधू पक्ष समेत पूरे इलाके में शोक की लहर है.
दुर्गा किंकर सिंह