बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजय सिंह ने यूजीसी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने इस संबंध में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट साझा किया है. पोस्ट में उन्होंने न्याय, निष्पक्षता और संतुलित प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि न्याय तभी सार्थक होता है, जब वह सभी के लिए समान और निष्पक्ष हो.
डॉ संजय सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा कि वर्तमान हालात से शिक्षण संस्थानों में चिंता और आशंका का माहौल बन रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि बिना संतुलित प्रतिनिधित्व के बनाई गई समितियां न्याय नहीं कर सकतीं. ऐसी समितियां सिर्फ औपचारिक निर्णय देती हैं, जिससे समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता.
शिक्षण संस्थानों में चिंता और आशंका का माहौल बताया
उन्होंने अपने पोस्ट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी आग्रह किया है. डॉ संजय सिंह ने लिखा कि न्याय के पथ पर चलते हुए हर नागरिक के सम्मान और सुरक्षा की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. उनका कहना है कि निर्णय प्रक्रिया में सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की असमानता न रहे.
पूर्वांचल राज्य के मुद्दे पर पहले भी उठा चुके हैं आवाज
डॉ संजय सिंह का यह पोस्ट ऐसे समय में सामने आया है, जब शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर देशभर में चर्चा चल रही है. उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में भी चर्चा देखी जा रही है. बता दें, इससे पहले भी डॉ संजय सिंह कई मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रखते रहे हैं. कुछ दिन पहले उन्होंने पूर्वांचल राज्य को लेकर भी आवाज बुलंद की थी. उस समय भी उनके बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई थी. भाजपा नेता डॉ संजय सिंह ने यह पूरा संदेश अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा किया है. फिलहाल उनके इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
अभिषेक कुमार त्रिपाठी